भारत सरकार के मंसूरी स्थित अग्रणी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान लाल बहादुर शास्त्री अके डमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (एलबीएसएनएए)में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं विषय पर आयोजित वर्कशॉप में उपायुक्त झज्जर सोनल गोयल ने जिला में इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के बारे में व्याख्यान दिया। राष्ट्रीय अकेडमी और भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस वर्कशॉप में देश के चुनिंदा आईएएस अधिकारियों ने शिरकत की और अपने विचार सांझा किए। उपायुक्त सोनल गोयल ने बताया कि वर्कशॉप का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव मोसेस चलाई ने किया और सहायक समन्वयक की भूमिका अकेडमी के उपनिदेशक अवस्थी एस आई एएस ने निभाई। उपायुक्त सोनल गोयल ने इसी साल विश्व महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम पर महिला डेलिगेट्स की अगुवाई करते हुए भारत के राष्ट्रपति को जिला झज्जर में म्हारी लाडो अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के बारे में अवगत करवाया।
उपायुक्त सोनल गोयल ने बताया वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिला झज्जर में लिंगानुपात की स्थिति काफी चिंताजनक थी। वर्ष 2015 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिंगानुपात में सुधार के लिए हरियाणा के पानीपत शहर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का शुभारंभ किया था। जबकि प्रदेश का लिंगानुपात 825 था। वर्ष 2018 की पहली तिमाही में जिला का लिंगानुपात सुधरकर लगभग 927 तक पहुंच गया है। हमारा लक्ष्य इस वर्ष के अंत 950 तक पहुंचना है। उपायुक्त सोनल गोयल ने कहा कि जिला में पीएनडीटी एक्ट को प्रभावी ढंग लागू करना, सामाजिक संस्थाओं को अभियान का भागीदार बनाना, महिलाओं के प्रति सामुदायिक व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना, कम लिंगानुपात वाले गांवों व वार्डों पर विशेष फोकस रखना, पीएनडीटी एक्ट के तहत दर्ज हुए केसों की मजबूती से पैरवी करना, गर्भवती माताओं का पंजीकरण व डिलिवरी पर विशेष ध्यान देना।
झज्जर. आईएएस अफसरों के साथ मौजूद डीसी सोनल गोयल।