झज्जर | सिद्ध बाबा गाजीकमाल मंदिर में ज्येष्ठ मास की षष्ठी को वार्षिक भंडारे का आयोजन मन्दिर के महंत की अध्यक्षता में किया जाएगा। मंदिर के महंत ने पुरुषोत्तम मास के महत्व के बारे में कहा कि पुरुषोत्तम मास की पूजा का फल, पूरे वर्ष की पूजा-पाठ करने से भी अधिक मिलता है। उन्होंने बताया कि जो भक्त इस पुरुषोत्तम मास में मन और आत्मा से भक्ति और धर्म कर्म के कार्य करेगा, उसे कई गुणा फल की प्राप्ति होगी। इस मास में तीर्थ स्थलों में स्नान, पूजन, हवन, अनुष्ठान और दान का अत्यंत महत्व रहेगा। भक्त रामनिवास रामे गुर्जर ने बताया कि रविवार को 11 बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा।