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जिस स्कूल में सर छोटूराम ने पढ़ाई की वहीं उनकी प्रतिमा का नहीं हो रहा अनावरण

3 वर्ष पहले
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आजादी से पहले शहर के जिस राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में पढ़कर दीनबंधु सर छोटूराम ने अपनी प्रतिभा का डंका महापंजाब में बजवाया, उसी स्कूल में अब उनकी प्रतिमा का अनावरण नहीं हो पा रहा है। स्कूल के एक कौने में सर छोटूराम की प्रतिमा पिछले छह साल से अपने उद्घाटन का इंतजार कर रही है। दीनबंधु सर छोटूराम ने झज्जर के राजकीय स्कूल से वर्ष 1897 में कक्षा 6, 1898 में कक्षा 7 और 1899 में कक्षा 8वीं पास की। वह 8वीं कक्षा मेें उस समय के पाकिस्तान समेत पूरे हरियाणा और पंजाब में दूसरे नंबर पर रहे हैं। वह झज्जर के पहले छात्र रहे, जो दिल्ली के नामचीन सेंट स्टीफंस स्कूल में 10वीं की पढ़ाई के लिए गए। इसके बाद पढ़ाई के लिए आगरा चले गए। वहीं, से उन्होंने वकालत की।

स्कूल के कौने में पिछले 6 साल से उद्घाटन का इंतजार कर रही प्रतिमा, अब राष्ट्रीय छोटूराम मिशन के अध्यक्ष विपक्ष के बड़े नेताओं से स्कूल में प्रतिमा लगवाने के लिए लगा रहे गुहार

राष्ट्रीय छोटूराम मिशन ने

2012 में बनवाई थी प्रतिमा

यह प्रतिमा राष्ट्रीय छोटूराम मिशन झज्जर ने वर्ष 2012 में बनवाई थी। शहर के बीकानेर चौक स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में इसे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कहने पर स्थापित किया जाना था। अनावरण की तिथि भी 9 अप्रैल 2012 तय कर ली गई, लेकिन सीएम इसका अनावरण कर पाते प्रशासन ने एक माह का समय सर छोटूराम मिशन से मांग लिया था। इसके बाद भी प्रशासन की तरफ से कोई पहल नहीं हुई। सर छोटूराम मिशन के अध्यक्ष डाॅ. गुलिया बताते हैं कि सरकार तो उनकी सुन नहीं रही है। अब वे विपक्ष के बड़े नेताओं से स्कूल में प्रतिमा लगवाने के लिए गुहार लगा रहे हैं।

झज्जर. राजकीय स्कूल के एक कौने में खड़ी सर छोटूराम की मूिर्त।

अभी पूरे हरियाणा के सरकारी

स्कूल में कहीं भी प्रतिमा नहीं

सर छोटूराम मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रो. हरिसिंह के पुत्र डाॅ. जितेंद्र सिंह गुलिया का कहना है कि खेद का विषय है कि जिन सर छोटूराम ने आजादी से पहले शिक्षा के लिए जगह-जगह प्रचार-प्रसार किया। उनके पिता समेत कई बच्चों को खेत से निकालकर स्कूलों में पहुंचाया। उनके इस प्रयासों से अंग्रेजाें ने भी उन्हें सर की उपाधि दी।

2 लाख में जयपुर से बनी थी प्रतिमा : वर्ष 2012 में सर छोटूराम मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे प्रो. हरिसिंह ने गांव दर गांव सर छोटूराम के नाम से चंदा एकजुट कर जयपुर से दो लाख रुपए में अपने गुरु की प्रतिमा बनवाई थी। खेड़ी जट्ट निवासी प्रो. हरिसिंह भी झज्जर के इसी स्कूल से पढ़ाई कर महापंजाब में दूसरे नंबर पर रहे थे।

डीईओ बोले-अनुमति मिलने पर ही होगा मूर्ति का अनावरण

जिला शिक्षा अधिकारी सतवीर सिंह सिवाच का कहना है कि सीनियर सेकंडरी स्कूल में सर छोटूराम की प्रतिमा रखी हुई है। अब यह इतने साल से क्यों रखी है, अनावरण क्यों नहीं हो सका? इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। शिक्षा विभाग मुख्यालय से इसकी अनुमति ली जाएगी । अगर अनुमित मिलेगी तब ही मूर्ति का अनावरण स्कूल में किया जाएगा

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