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70 हजार क्विंटल गेहूं उठान के इंतजार में रोहतक से आ रहा बारदाने का एक ट्रक जला

3 वर्ष पहले
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झज्जर और रोहतक सहित प्रदेश के करीब एक दर्जन से अधिक जिलों में बारदाने की कमी बनी हुई। 10 दिन से आढ़ती झज्जर मंडी में बारदाने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले 34 घंटे से दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन में खड़ी मालगाड़ी गुरुवार शाम करीब 5 बजे रोहतक स्टेशन पहुंच गई। हैफेड के अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही रैक लगेगा, इसको अनलोड कर अलग क्षेत्रों में बारदाना ट्रकाें से रवाना किया जाएगा। वहीं, गुरुवार रात 8 बजे रोहतक से झज्जर के लिए चला बारदाने का एक ट्रक तारों से भिड़ने की वजह से सुनारिया चौक पर जल गया।

जिले में 10 दिन से बारदाने की कमी है। खरीद एजेंसियों की ओर से गेहूं की परचेज की गई है, लेकिन 70 हजार क्विंटल गेहूं का उठान न होने के कारण आढ़तियों पर जहां मौसम की मार के कारण मानसिक दबाव बना है, वहीं दूसरी ओर किसानों को उपज का भुगतान नहीं हो रहा है। बार-बार मौसम खराब होने के कारण गेहूं भी खराब हो रहा है। इस बीच अब जिले में ट्रेन के माध्यम से बारदाना पहुंचने का इंतजार खत्म होने जा रहा है। मंगलवार से मालगाड़ी दिल्ली के शकूर बस्ती स्टेशन पर खड़ी रही। बताया जा रहा है कि इसका पावर इंजन किसी दूसरी गाड़ी में इस्तेमाल कर लिया गया, जिसके कारण यह मालगाड़ी खड़ी थी।

सरसों खरीद दोबारा शुरू करवाने के लिए आमरण अनशन

झज्जर. अनाज मंडी में गेहंू व सरसों के उठान के लिए अनसन पर बैठे करौंथा के प्रदीप।

18 वैगन रोहतक-झज्जर के लिए

विभाग का कहना है कि मालगाड़ी में रोहतक और झज्जर के अलावा कई अन्य जिलों का भी बारदाना है। इसमें 18 वैगन रोहतक-झज्जर के लिए हैं, जिनको रोहतक में उतारा जाएगा। इसके लिए 50 ट्रक व लेबर को तैयार रखा गया है। एक वैगन में करीब 63 हजार बैग होते हैं।

गुरुवार शाम मालगाड़ी रोहतक पहुंची है। प्रयास पहले झज्जर के लिए बारदाना रवाना करने का रहेगा। यहां के लिए काफी दबाव है। इसके बाद महम, सांघी, किलोई और कलानौर के लिए ट्रक रवाना किए जाएंगे। सिरसा जिले का बारदाना भी रोहतक से ही भेजा जाएगा। उम्मीद है कि अब बारदान मिलने के बाद उठान कार्य तेजी से कराया जाएगा। -सुरेंद्र चौधरी, डीएम, हैफेड।

भुगतान न होने से नाराज हैं किसान

आढ़ती जसबीर सिंह का कहना है कि झज्जर मंडी में किसान आढ़ती की जिम्मेदारी पर गेहूं डालकर जाते हैं। लिहाजा इनको कुछ दिन के अंदर भुगतान किए जाने का भरोसा दिया जाता है, लेकिन अब भुगतान का इंतजार खत्म हो गया है। किसान भुगतान के बार-बार चक्कर काट रहे हैं। यदि उठान होगा तो उनको भुगतान भी मिल पाएगा।

झज्जर | सरसों की दोबारा से खरीद शुरू किए जाने के लिए अन्ना समर्थकों ने झज्जर मंडी में गुरुवार को आमरण अनशन शुरू कर दिया। किसान नेता प्रदीप धनखड़ करौंथा ने कृषिमंत्री से झज्जर अनाज मंडी में दोबारा से खरीद शुरू किए जाने की मांग की है। प्रदीप का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तब वे प्रदेश के सभी किसान संगठनों, राजनीतिक पार्टियों, खापों, समीपवर्ती गांव से क्रमिक अनशन के लिए श्रृंखला चलाएंगे। आज उनके धरने पर जय किसान आंदोलन के प्रदेश प्रचार प्रभारी रविंद्र मलिक, कृषि अन्वेषक डाॅ. शमशेर सिंह, कामरेड हंसराज राणा भूमि बचाओ संघर्ष समिति, भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह, लक्ष्मण सिंह राणा, युद्धवीर अहलावत शामिल रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीच में ही गेहूं व सरसों की फसल खरीदी रोककर किसानों के साथ मजाक किया है, जिसका प्रदेश का सभी किसान वर्ग विरोध करता है। झज्जर जिले के बाद अन्य जिलों में भी पीड़ित किसान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। प्रदेश सरकार हरियाणा हाईकोर्ट में भी सरसों खरीद पर जवाब दाखिल नहीं कर मामले को आगे टाल रही है। जब किसान के पास सभी लोकतांत्रिक विकल्प बंद हो गए, तब जाकर किसानों को आमरण अनशन शुरू करना पड़ा। जल्द ही प्रचार कमेटियां गांव-गांव में जाकर धरनास्थल पर आने का निमंत्रण किसानों काे देंगी।

मंडी छारा से आढ़तियों ने 50 हजार कट्टे उठाने के लिए सौंपा ज्ञापन

मंडियों और दूसरे परचेज सेंटरों पर उठान कार्य धीमा होने के चलते गुरुवार को छारा मंडी से आढ़तियों ने 50 हजार कट्टों को उठाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने डीसी को ज्ञापन देकर गुहार की है। आढ़ती संदीप, प्रवीन, सतीश, नसीब और हरजीत आदि ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में छह बार बारिश हो चुकी है। इसके कारण 40 फीसदी गेहूं खराब हो चुका है। इनका कहना है कि हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से एक महीने से गेहूं खरीदा हुआ है, लेकिन इसका उठान नहीं कराया जा रहा है। इस मामले में बारदाना उपलब्ध कराया जाए।

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