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फसल अवशेष प्रबंधन के लिए खुलेंगे 40 कस्टम हायरिंग सेंटर

3 वर्ष पहले
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से जिले में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए फार्म मशीनरी बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर के 40 क्लस्टर खोले जाएंगे। यह क्लस्टर पंचायती राज संस्था, सरपंच, एफपीओ, सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह, किसान महिला समूह, पंजीकृत किसान सोसायटी स्थापित कर सकते हैं। यह बातें एडीसी सुशील सारवान ने कही। वे बुधवार को योजना को लेकर लघु सचिवालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला के किसान रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी के माध्यम से अपनी समिति पंजीकृत कराकर 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एडीसी ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की यह महत्वपूर्ण योजना है। फसल अवशेष के प्रबंधन पर ध्यान देना अब समय की आवश्यकता है। फसलों के अवशेषों को गैरजरूरी कार्यों के जरिए नष्ट करने से न केवल वायु प्रदूषण फैलता है बल्कि जमीन की उर्वरा शक्ति भी नष्ट होती है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से किसान समूह या समिति 40 से 80 प्रतिशत की सहायता भी दी जाती है। उन्होंने कृषि और बागवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को इस योजना के बारे में अधिक से अधिक प्रचार करने की बात कही।

जिले में पंजीकृत किसान समिति 31 मई तक ऑनलाइन कर सकती है आवेदन

सभी खंडों में तीन-चार गांव

का एक-एक क्लस्टर बनाया

उप निदेशक कृषि रोहताश सिंह ने अतिरिक्त उपायुक्त को जानकारी देते बताया कि योजना के तहत जिले के सभी खंडों में बड़े-बड़े तीन-चार गांव का एक-एक क्लस्टर बनाया गया है। योजना के संबंध में किसी प्रकार की जानकारी के लिए झज्जर में कृषि विभाग के एएई कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। बैठक के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को स्टैंड इंडिया सहित सरकार के अनेक कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला बागवानी अधिकारी डाॅ. रविंद्र अहलावत, डाॅ. विनय कुमार डिप्टी सिविल सर्जन, सुधीर कुमार एएई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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