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साढ़े 6 लाख कलोन वाले सफेदे लगा खत्म करेंगे सेम की समस्या

3 वर्ष पहले
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जिले में सेम की समस्या से निजात पाने के लिए वन विभाग ने योजना तैयार की है। इसके तहत जिले में कलोन वाले सफेदे के पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में काफी भूमि सेम ग्रस्त है। सरकार की मंशा है कि पौधरोपण के लिए कृषि योग्य जमीन का उपयोग कम से कम हो। इसके लिए सेम ग्रस्त जमीन पर वन तैयार करने की योजना है। जिले में वन विभाग की ओर से बड़े स्तर पर किसानों के खेतों में सफेदे के पौधे लगाने का काम करेगा। इसके लिए प्रथम चरण में 550 एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया है।

वन विभाग ने पहली बार बनाई रणनीति, सेमग्रस्त जमीन पर वन तैयारी करने की प्लानिंग

कलोन सफेदे का पौधा

6 साल में होता है तैयार

वन विभाग का कहना है कि कलोन के सफेदे पौधे की प्रकृति अधिक पानी की है। यह एक प्रकार से जड़ों से पानी लेता है। पत्तों के माध्यम से वातावरण में छोड़ता है। पानी की उपलब्धता जमीन में जितनी अधिक रहती है। पौधे का तैयार होने का क्रम भी उतना ही तेजी से रहता है। एक पौध छह साल में तैयार हो जाती है। इसकी जड़ें 4 मीटर से अधिक रहती हैं।

बाहर से लाए जाएंगे पौधे : वन विभाग का कहना है कि जिले में 9 अलग-अलग नर्सरी हैं, जहां 10 लाख के करीब पौधे हैं, लेकिन कलोन के सफेदे की व्यवस्था जिले में नहीं है। इनकी बाहर से ही व्यवस्था बनाई जाएगी। कुरुक्षेत्र में कलोन के पौधे की नर्सरी है, लेकिन वह नाकाफी है।

जिले में कलोन के सफेदे लगाने के लिए किसान को केवल 10 फीसदी ही खर्च करना होता है। वह केवल उनको जमीन तैयार करने पर खर्च करा लिया जाता है, जबकि शेष खर्च वन विभाग उठाएगा। यह अच्छी योजना है। इसकी सफलता की जिले में काफी संभावना है। -सुंदर लाल, डीएफओ झज्जर

झज्जर. बेरी रोड बाईपास के साथ लगते खेतों में खडे सफेदे के पेड़।

0 से 3 मीटर सेम ग्रस्त जमीन में लगेंगे पौधे : जिले में सेम ग्रस्त जमीन की प्रकृति क्षेत्र के हिसाब से अलग है। करीब 500 एकड़ ऐसे जमीन है, जहां पर साल भर पानी रहता है। इस जमीन पर मछली पालन की योजना है। प्राथमिकता 0 से 3 मीटर तक सेमग्रस्त जमीन में पौधे लगाने की रहेगी।

जिले में 9 नर्सरियों की स्थिति

सांखौल बहादुरगढ़ 1,1,564

बादली 60,000

साल्हवास 1,55,766

मातनहेल 1,78,000

बाकरा 53,000

हर्बल पार्क झज्जर 57,000

नेहरू काॅलेज झज्जर 78,000

माच्छरौली 73,000

एमपी माजरा 1 ,79,000

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