- Hindi News
- National
- जेएलएन नहर में पानी नहीं आने से अब गांवों में राशनिंग शुरू, 3 दिन और झेलनी पड़ेगी किल्लत
जेएलएन नहर में पानी नहीं आने से अब गांवों में राशनिंग शुरू, 3 दिन और झेलनी पड़ेगी किल्लत
जिले में जल संकट और अधिक बढ़ने जा रहा है। जलघरों में पानी की आपूर्ति करने वाली जेएलएन नहर में पानी नहीं है। नहर के 16 मई को पानी आने की उम्मीद थी, लेकिन इसके अब 19 मई को आने की संभावना है। जल संकट के चलते जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या और अधिक बढ़ने जा रही है। मजबूरी में विभाग ने पानी की राशनिंग शुरू की है। कई गांव तो एेसे हैं, जहां पानी 2-3 दिन में आता था, वहां अब 4 से 5 दिन में आ रहा है। इस वजह से ग्रामीणों को मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। दूसरी ओर, कृषिमंत्री ओपी धनखड़ लगातार अधिकारियों को पानी किल्लत दूर करने के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन उसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा।
विभाग की ओर से इस दिशा में जल्द कोई कदम नहीं उठाए तो ग्रामीण क्षेत्र में विरोध के स्वर बढ़ सकते हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि उपलब्ध पानी की राशनिंग के साथ-साथ कई जगह ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था बनाई है ताकि लोगों को दिक्कत न हो। जिले के सुबाना, पाटौदा, लुहारी में तो विभाग पिछले चार दिनों से राशनिंग में पानी दे रहा है यानी लोगों को अब पहले के मुकाबले आधा ही पानी बड़ी मुश्कल से मिल रहा है। मंत्री के गांव ढाकला में भी ट्यूबवेल से पानी आपूर्ति की व्यवस्था बनाई है। निमाना, सौंधी, सुरैहती, दादनपुर सहित दर्जन से अधिक गांव में ग्रामीण परेशान हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पानी की जिले में नहर पहले 16 दिन के बाद आती थी, लेकिन अब प्रदेश में पानी की उपलब्धता के कारण नहर का क्रम सात दिन और बढ़ा दिया गया है। ऐसे में अब पानी की उपलब्धता की समस्या बनी है।