गो माता पर जुल्म करना भगवान पर अपराध करने समान : विमल
झज्जर. हरीपुरा मोहल्ले में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सत्संग में िथरकते श्रद्धालु।
भास्कर न्यूज | झज्जर
हरीपुरा स्थित श्रीराम धर्मशाला में शुक्रवार को कृष्ण जन्म पर बधाइयों के सिलसिले के बाद शनिवार को गाय के प्रसंग पर चर्चा हुई। वृंदावन से पधारे कथाव्यास विमल कृष्ण पाठक ने कहा कि गाय से ही धर्म है और गाय से ही हम सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि गोमाता पर हो रहे अत्याचार पर विचार कर गोसेवा के प्रति समर्पित रहना चाहिए। गाय को विश्व की माता कहा गया है। उन्होंने बताया कि गोमाता के शरीर में देवी देवताओं का वास है। गोमाता पर अपराध करना भगवान पर अपराध करने समान है। कथाव्यास ने बताया कि गोमूत्र से कई भयानक बीमारियों से निवृत्ति होती है। वहीं गाय का दूध हमारे शरीर के लिए सबसे अधिक पौष्टिक है। कथाव्यास ने गोवर्धन लीला की चर्चा करते हुए कहा कि सच्ची गोवर्धन पूजा यही है कि गोपालन करें। भगवान कृष्ण ने भी धरती पर गोमाता का पालन किया तभी वह गोपाल कहलाए। गाय की महिमा बताते हुए कथाव्यास ने हरे कृष्णा हरे राम की मधुर धुनी छेड़ी जिस पर उपस्थित श्रद्धालु जमकर थिरके। गत मंगलवार से जारी श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह यज्ञ का शनिवार को पांचवां दिन था। कथा का विधिवत समापन सोमवार को होगा जिसके बाद मंगलवार 17 अप्रैल को श्रीराम धर्मशाला में पूर्णाहुति यज्ञ और भंडारा होगा। इस मौके पर कथा आगाज पर हुई कलश यात्रा के कलश भी महिलाओं को वितरित किए जाएंगे। कथा के दौरान पंचनद संरक्षक पूर्ण चन्द सुनेजा, लेखराज गोस्वामी, रामअवतार गेरा, राधेश्याम भाटिया, राजकुमार गेरा, मुकेश चावला, जगदीश, केशव, अनिल, रमा, विना, नीरज गोस्वामी मौनी सरदाना श्रद्धालु उपस्थित रहे।