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182 कर्मी, घर-घर कचरा संग्रहण का दावा फिर भी सड़कों से पांच दिन में उठ रहा कचरा

3 वर्ष पहले
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स्वच्छता सर्वे के परिणाम अब धीरे-धीरे जारी होने लगे हैं। पहले राउंड के परिणाम अभी आ चुके हैं, जिसमें देशभर में स्वच्छ शहरों की तस्वीरें भी सामने आई है। हाल ही में कुछ स्वच्छ शहरों के जारी हुए परिणाम के बाद देशभर में हर नगरीय निकायों की निगाहें इसी सर्वे के रिजल्ट पर टिकी हुई हैं। इसी बीच झालावाड़ में अभी भी सफाई व्यवस्था नहीं सुधर पाई है।

सफाईकर्मी बढ़ने के बावजूद स्वच्छता सर्वे से पहले और उसके बाद की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। नगरपरिषद में अब दो ठेके संचालित हो रहे हैं इससे सफाई व्यवस्था में लगे कार्मिकों की संख्या बढ़ चुकी है। भास्कर टीम की पड़ताल में सामने आया कि सफाई सर्वे से पहले करीब 125 सफाईकर्मी थे। अब घर-घर कचरा संग्रहण में लगे कार्मिकों लगने के बाद यह बढ़कर 182 हो गए हैं। इसके बावजूद जेल रोड, धनवाडा, नला मोहल्ला, एसबीआई बैंक चौराहा, ईदगाह रोड, खंडिया कॉलेानी सहित अन्य क्षेत्रों में कचरा सड़कों पर फैला रहता है। कई क्षेत्रों में तो तीन से पांच दिनों तक कचरा नहीं उठ रहा है। इससे यह सड़ांध मारने लगता है।

झालावाड़. जेल रोड पर सड़क नालियों के किनारे पड़ा कचरा।

नगरपरिषद के 3 दावे और पड़ताल में यह हकीकत आई सामने

1.दावा: शहर में डोर टू डोर कचरा संग्रहण शुरू किया गया। इससे शहर के 35 वार्डों से घर घर गली-गली कचरा उठाया जा रहा है। प्रतिदिन 3 टन कचरा उठता है जो कचरा संग्रहण केंद्र में पहुंचाया जाता है। इसके बाद कचरे का निस्तारण होता है।

हकीकत- कचरा निस्तारण केंद्र में जाने वाला कचरा जलाया जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है। इसी तरह शहर में ईदगाह के पीछे, पुराना मोटर गैराज क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में भी कचरा जलाया जा रहा है।

2.दावा: शहर में डोर टू डोर कचरा संग्रहण के तहत प्रत्येक गली में जाकर कचरा लिया जा रहा है।

हकीकत- कचरे का निस्तारण का समय फिक्स नहीं होने के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहीं पर कचरे के वाहन सुबह 7 बजे पहुंचते हैं तो कहीं 11 बजे। ऐसी स्थिति में ग्यारह बजे वाली शिफ्ट में लोग नहीं मिलने से कचरा नहीं उठ पाता है। इन स्थानों पर लोगों को सड़कों पर ही कचरा डालना पड़ता है।

परिषद में सफाईकर्मियों की स्थिति-पहले और अब

पहले शहर में सफाई व्यवस्था के लिए 97 स्थाई सफाईकर्मी और 45 ठेके के सफाईकर्मी मौजूद थे। अब की व्यवस्था में 97 स्थाई, 45 ठेके के और 40 घर-घर कचरा संग्रहण के तहत ठेके के कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं बन पा रही है।

घर-घर कचरा संग्रहण के बाद सफाई व्यवस्था बेहतर हुई है, लेकिन फिर भी कचरा जलाया जा रहा है तो यह गंभीर मामला है। इस पर कार्रवाई की जाएगी। - राजेंद्रसिंह चारण, आयुक्त नगरपरिषद झालावाड़

3.दावा: शहर में कचरा कलेक्शन पॉइंट पर भी रहने लगी सफाई।

हकीकत- फतेह खां की मस्जिद के सामने, फीलखाना मोहल्ला, मल मोहल्ला सहित अन्य क्षेत्रों में कचरा कलेक्शन प्वाइंट नहीं हैं, लेकिन उसके बावजूद भी यहां प्रतिदिन ढेरों कचरा खाली प्लॉटों में एकत्रित होता है। यह कचरा 15-15 दिन तक नहीं उठ पाता है और सड़ांध मारने लगता है।

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