पर्यटन विकास समिति द्वारा विश्व संग्रहालय दिवस पर गढ़ पार्क में शुक्रवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। समिति के अध्यक्ष दिनेश सक्सेना ने कहा कि संग्रहालय इतिहास का आयना होते है तथा इनसे हमारी संस्कृति एवं साहित्य की तथ्यपूर्ण जानकारी मिलती है।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता इतिहासविद् ललित शर्मा ने बताया कि 18 मई को संपूर्ण विश्व मंे संग्रहालय दिवस मनाया जाता है। ब्रिटिश साम्राज्य में कई संग्रहालयों की स्थापना हुई। झालावाड़ के संग्रहालय की स्थापना तत्कालीन शासक द्वारा एक जून 1915 को की गई थी। वर्तमान मे गढ़ भवन मे संचालित संग्रहालय का जीर्णोेद्वार और विकास कार्य कराए जा रहे हैं। शीघ्र ही यह संग्रहालय राजस्थान व मध्य भारत का प्रमुख संग्रहालय बन जाएगा। समिति के संयोजक ओम पाठक ने कहा कि संग्रहालयों में नायाब वस्तुओं का संग्रह होता है, इससे हमारे अतीत की पहचान होती है। यहां संग्रहित साहित्य एवं मूर्ति आदि से इतिहास लेखन की तथ्यात्मक जानकारी मिलती है। इस अवसर पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष नफीस शेख ने कहा कि म्यूजियम से आने वाली पीढ़ी को हमारे इतिहास की जानकारी मिलती है।
संगोष्ठी मे समिति के उपाध्यक्ष भगवती प्रकाश मेहर , कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल कश्यप, अरविंद गोचर, सोहन देवडा, कन्हैया लाल, पप्पू जांगिड़, प्रभुलाल, अकरम व ईद मोहम्मद ने भी विचार व्यक्त कर संग्रहालय की जानकारी प्राप्त करने का आह्रान किया। समिति के उपाध्यक्ष अलीम बैग ने एक जून को झालावाड़ संग्रहालय स्थापना दिवस पर होने वाले समारोह मे सभी की आमंत्रित करते हुए आभार माना ।
विश्व संग्रहालय दिवस
पर्यटन विकास समिति की गोष्ठी में झालावाड़ संग्रहालय के विकास पर चर्चा
झालावाड़. पर्यटन विकास समिति की बैठक को संबोधित करते पदाधिकारी।