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जयपुर प्रशासनिक कमेटी ने बजट मिलने के बाद भी छह महीने तक नहीं की वेंटिलेटर और वार्मर की खरीद, फिर अस्पताल प्रशासन को ही दी जिम्मेदारी

3 वर्ष पहले
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झालावाड़. जिला जनाना अस्पताल का एनआईसीयू वार्ड।

कमेटी बनेगी, फिर होंगे टेंडर: वेंटिलेटर व वार्मर खरीद मामले में जयपुर कमेटी का पत्र मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन तीन सदस्यीय कमेटी बनाएगा। इसमें पीडियाट्रिक विभागाध्यक्ष, अधीक्षक व अकाउंट अधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद तीनों प्रकार के उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर किया जाएगा।

भास्कर ने उठाया था मुद्दा

जिला जनाना अस्पताल के एनआईसीयू में एक वार्मर में दो से तीन बच्चे भर्ती रहते है। इससे उनमें संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा वेंटिलेटर की कमी होने पर नवजात के परिजनों को हाथ से एंबू बैग चलाकर बच्चों को सांस देनी पड़ती है। नवजात शिशुओं की इस समस्या को भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और जयपुर कमेटी से बात की। अगर पहले कमेटी से बात कर लेते तो अभी तक नवजात शिशुओं को सुविधा मिलना शुरू हो जाती। अब खरीद होने में एक दो माह का समय और लग जाएगा।

एनआईसीयू के एसी चालूू

जिला जनाना अस्पताल में एनआईसीयू के एसी खराब होने से नवजात शिशु गर्मी में तप रहे थे। इस समस्या को भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था। अब अस्पताल प्रशासन ने एसी ठीक करवा दिए हैं। इससे बच्चों को अब राहत मिली है।

वार्मर, वेंटिलेटर व फोटो थैरेपी मशीन की खरीद के लिए जयपुर कमेटी को बजट ट्रांसफर कर दिया था। जीएसटी के कारण उसमें कुछ राशि की जरूरत पड़ी, लेकिन उसके लिए कमेटी का कोई पत्र नहीं मिला। अब कमेटी ने स्थानीय अस्पताल प्रशासन को ही कमेटी गठित कर इनकी खरीद करने को कहा है। डॉ. राजन नंदा, अधीक्षक

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