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सफाई कर्मियों की भर्ती-विकास कार्य अटके क्योंकि सभापति-20 कांग्रेस पार्षद नहीं पहुंचे

3 वर्ष पहले
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नगरपरिषद की बोर्ड बैठक शनिवार को भी बेनतीजा रही। सभापति, उपसभापति सहित कांग्रेस पार्षद के नहीं पहुंचने पर बैठक निरस्त कर दी गई। इससे एक बार फिर शहर के विकास के मुद्‌दे धरे रह गए। यह तीसरी बार हुआ है जब बोर्ड बैठक निरस्त हुई है। इस बार बोर्ड बैठक में 100 सफाईकर्मियों को नौकरी मिलने का अनुमोदन पास होने वाला था, लेकिन बैठक निरस्त होने से वह अटक गया। इसको लेकर वाल्मीकी समाज ने रोष प्रकट करते हुए सभापति व कांग्रेस पार्षदों को खरी-खोटी सुनाई।

नगरपरिषद की बोर्ड बैठक शनिवार को सभापति मनीष शुक्ला की अध्यक्षता में होने वाली थी, लेकिन वह बैठक में नहीं पहुंचे। हालांकि उन्होंने रिश्तेदार गमी में जाना कारण बताया है, लेकिन उनका यह भी आरोप है कि नगरपरिषद आयुक्त ने बिना उनसे चर्चा किए आनन-फानन में बैठक बुलाई। छुट्‌टी के दिन बैठक रखने का क्या औचित्य है। बैठक का एजेंडा बिना सभापति के तय कर दिया गया। उसमें सभापति के साइन तक नहीं है। इसके अलावा बैठक का उपसभापति सहित 20 कांग्रेस पार्षदों ने भी बहिष्कार किया। बैठक में शहर से जुड़े आठ मुद्दों पर प्रस्ताव लिया जाना था। इसमें सफाईकर्मियों की नियुक्ति का मुद्दा अहम था।

पार्षद बोले-जनता के पास कैसे जाएंगे

यह तीसरी बार हुआ है जब बोर्ड बैठक निरस्त करनी पड़ी है। इस बार बोर्ड बैठक आठ महीने बाद हुई थी। इससे पहले भी दो बार बोर्ड बैठक बुलाई गई है, लेकिन उसमें भी सभापति उपसभापति सहित कांग्रेस पार्षदों ने बहिष्कार किया है। इससे शहर में सफाई व्यवस्था, निर्माण स्वीकृति और अन्य काम अटके हुए हैं।

भाजपा पार्षद एक घंटे बैठे रहे

बोर्ड बैठक के तय समायानुसार भाजपा पार्षद जयदीपसिंह झाला, संजय शुक्ला, दीपक स्वामी, शिवराज रैगर, तुषार उपाध्याय, कन्हैया यादव, वहीद रहमान, भारत बैरवा, पूनम नजरल, नरेंद्र भील, ओम जांगिड़, दिनेश सुमन, आसिफ मोहम्मद, सोनम खंडेलवाल पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस पार्षदों को फोन भी लगाए, लेकिन वे बैठक में नहीं आए। बैठक निरस्त होने पर वे भी लौट गए।

बोर्ड बैठक सभी की सहमति से रखी गई थी। कांग्रेस पार्षदों ने भी बोर्ड बैठक की सहमति देते हुए अपने हस्ताक्षर किए हैं। सभापति को भी बैठक की जानकारी है। उनसे चर्चा के बाद बैठक रखी गई। बैठक आयोजित होने पर एक घंटे तक उनका इंतजार भी किया, लेकिन वह नहीं आए। - राजेंद्रसिंह चारण, आयुक्त, नगरपरिषद

बोर्ड बैठक में उपस्थित बीजेपी पार्षद व आयुक्त।

नगरपरिषद द्वारा बोर्ड बैठक बुलाई जाती है, लेकिन सभापति व कांग्रेस पार्षदों के नहीं आने से बैठक निरस्त करनी पड़ रही है। ऐसा तीन बार हो चुका है। बार-बार बैठक निरस्त होने से शहर का विकास नहीं हो पा रहा है। आज की बैठक में 100 सफाई कर्मियों की नियुक्ति अटक गई। जयदीपसिंह झाला, पार्षद, भाजपा

बोर्ड के एजेंडे में पार्षदों की समस्या व उनके मुद्दों को शामिल नहीं किया गया। पार्षद अपने वार्ड की समस्या लेकर पहुंचते है तो आयुक्त सुनने को तैयार नहीं है। इसके अलावा कई पार्षद यहां नहीं है। ऐसी क्या स्थिति आ गई कि छुट्टी के दिन बैठक बुलानी पड़ी। जनरल हैड में बजट होने के बाद भी पार्षदों के वार्डों में विकास नहीं हो रहा है। यहां तकि सफाई तक नहीं हो रही है। सभापति व उपसभापति की जिम्मेदारी है। वे भी ध्यान नहीं दे रहे। उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। फारूख अहमद, पार्षद

रिश्तेदारी में गमी के कारण मुझे एक दिन पहले रात को ही बाहर आना पड़ा। बोर्ड का एजेंडा मुझसे चर्चा किए बिना ही तैयार किया गया। उसमें मेरे हस्ताक्षर नहीं है। एसी क्या आपात स्थिति आ गई थी कि बैठक छुट्टी के दिन बुलानी पड़ी। मनीष शुक्ला, सभापति

इन मुद्दों पर होनी थी चर्चा

राज्य सरकार द्वारा सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है उसमें अनुमोदन पर विचार।

ग्राम धनवाड़ा के खसरा नंबर 592/4 की भूमि में से 3 बीघा भूमि गुरुद्वारा एवं धर्मशाला निर्माण के लिए गुरूनानक वेलफेयर ट्रस्ट भगत पीपीजी सेवा समिति कोटा को आवंटित करने पर चर्चा।

भाजपा को कार्यालय निर्माण के लिए जवाहर कॉलोनी में खेल संकुल के सामने राज्य सरकार की स्वीकृति के अनुसार 2000 वर्ग मीटर भूमि आरक्षित दर व 15 प्रतिशत राशि पर 99 वर्ष की लीज पर देने पर चर्चा।

भाजपा कार्यालय के पास शेष बची हुई भूमि का व्यवसायिक से संस्थानिक में भू उपयोग परिवर्तन करानते हुए भाजपा कार्यालय के लिए बेचान की जाने वाली भूमि से प्राप्त राशि से नगरपरिषद कार्यालय भवन बनाने पर विचार।

सफाई कार्य के लिए हत्था गाड़ी, ट्रैक्टर मय ट्रॉली, जेसीबी, ऑटो ट्रीपर, ई रिक्शा, हुपर संसाधन आवश्यक एवं बजट अनुसार क्रय करने पर विचार।

नगरपरिषद की स्वाीमित्व की झालावाड़ खसरा नंबर 476, 499, 500, 502, 503, 504, 505, 506, 507 की भूमि में से परिषद द्वारा गौशाला, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम, पुस्तकालय अन्य कार्य के लिए चर्चा।

नगरपरिषद क्षेत्र के खंडिया पार्क, भवानी क्लब पार्क, चिल्ड्रन ट्रेन, फव्वारा लगाने, चित्रकारी करने अन्य पार्कों के विकास पर चर्चा।

सरकार के निर्देशानुसार ऑडिटोरियम के लिए भूमि चिंहित कर भवन बनाए जाने के लिए अनुमोदन पर विचार।

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