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ए एफेरेसिस मशीन से सिंगल डोनर से ही हो जाएगी डेंगू की प्लेटलेट्स की पूर्ति

3 वर्ष पहले
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जिले में डेंगू पॉजिटिव मरीजों को अब इलाज कराने के लिए कोटा जयपुर नहीं जाना पड़ेगा। मरीजों के लिए आवश्यक प्लेटलेट्स जिला ब्लड बैंक में ही उपलब्ध हो जाएगी। सिंगल व्यक्ति ही प्लेटलेट्स डोनेट कर मरीज की 50 हजार तक प्लेटलेट्स बढ़ा देगा। हालांकि मरीजों को यह सुविधा मिलने अभी कुछ समय लगेगा, लेकिन इसकी शुरुआत हो चुकी है।

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज को डिमांड के बाद ए फेरेसिस मशीन मिल चुकी है। मंगलवार शाम को मशीन झालावाड़ पहुंच चुकी है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि मशीन के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही इसके लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया जाएगा। लाइसेंस मिलते ही मरीजों के लिए सेवा शुरू हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन का प्रयास रहेगा कि डेंगू सीजन शुरू होने से पहले उनको लाइसेंस मिल जाए। इस मशीन के आने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीज को प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ने पर ब्लड ग्रुप के हिसाब से आठ-दस डाेनर नहीं ढूंढने पड़ेंगे। एक सिंगल व्यक्ति की के शरीर से प्लेटलेट्स निकाली जाएगी। वह इतनी गुणवत्ता पूर्ण होगी कि मरीज को चढ़ाने पर उसकी प्लेटलेट्स की मात्रा 50 हजार बढ़ जाएगी। जबकि अभी तक मिल रही सुविधा में एक ब्लड डोनेट व्यक्ति से 5 हजार ही प्लेटलेट्स मिल पाती थी।

मरीज के 50 हजार प्लेटलेटस बढ़ा देगी मशीन, संचालन की प्रक्रिया शुरू, लाइसेंस मिलने के बाद मरीजों को मिलने लगेगा लाभ

झालावाड़. एपेरेसिस मशीन।

सशुल्क रहा तो महंगा इलाज, पर मरीज को फायदा

ए फेरेसिस मशीन आने से मरीजों का इलाज तो बेहतर होगा, लेकिन इसकी सुविधा निशुल्क रहेगी या सशुल्क रहेगी। अभी इसकी स्थिति साफ नहीं है। जानकारी के अनुसार सामने आया है कि इस मशीन से प्लेटलेट्स मिलने पर कोटा सरकारी अस्पताल में ही 8 हजार रुपए तक का खर्चा आता है। इसके अलावा निजी अस्पताल में यह और महंगा पड़ता है। जिला ब्लड बैंक में अगर मरीजों को शुल्क लेकर भी यह सुविधा मिलती है तो भी मरीज के लिए घाटे का सौदा साबित नहीं होगा। क्योंकि इलाज के लिए बाहर जाने पर इससे अधिक खर्चा हो जाता है।

प्लेटलेट्स लेकर दुबारा चढ़ा देगी ब्लड

ए फेरेसिस मशीन इतनी कारगर है कि मरीज के शरीर से ब्लड निकालने के बाद मशीन प्लेटलेट्स निकालकर ब्लड को पुन: मरीज के शरीर में पहुंचा देगी। इससे मरीज के शरीर में ब्लड की कमी नहीं होगी और वह तीन महीने के पहले ही पुन: ब्लड डोनेट कर सकता है।

जिले में डेंगू मरीजों को अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अभी तक सुविधा नहीं होने पर मरीज को रैफर करना पड़ता था, लेकिन 20 लाख रुपए की लागत से ए फेरेसिस मशीन मिल चुकी है। इससे सिंगल डोनर से ही मरीज को प्लेटलेट्स मिल जाएगी। इसके संचालन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। डॉ. आरके आसेरी, डीन झालावाड़ मेडिकल कॉलेज

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