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लोगों ने कहा: हम पानी के लिए तरस रहे हैं, आपको वोट के लिए तरसाएंगे

3 वर्ष पहले
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झरिया में पानी के लिए उपभोक्ताओं को अभी और जूझना पड़ेगा। कारण जलापूर्ति करने वाले 12 एमजीडी का मोटर जल गया है। जब-तक मोटर बन नहीं जाता, तब तक जलापूर्ति नियमित नहीं हो पाएगी। इसकी पुष्टि जामाडोबा वाटर फिल्टर प्लांट के कर्मी भी कर रहे हैं। इससे अधिकारी भी वाकिफ हैं। बावजूद स्पष्ट रूप से वह कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। इधर, झरिया में पीने के पानी का घोर किल्लत है। दो से तीन दिनों बाद आंशिक जलापूर्ति की जा रहीं है। इससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। बरसात के पानी से नित्य क्रिया करने को मजबूर है। मंगलवार को झरिया में आंशिक जलापूर्ति हुई। सबसे खराब स्थित उपर राजबाड़ी की है। यहां पर पूर्व से तो पानी की समस्या है ही। झमाडा की हड़ताल के बाद से और भी समस्या विकराल हो गई है। झरिया में पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध किया। उपभोक्ता अपने-अपने हाथों में तख्तियां लिए थे। जिस पर कई स्लोगन लिखा था। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने कहा कि हम पानी के लिए तरस रहे हैं, आपको वोट के लिए तरसाएंगे। इसका नेतृत्व पूर्व पार्षद अनूप साव कर रहे थे। इधर पानी की समस्या पर विभिन्न संगठनों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। मंगलवार को इस मामले में अलग-अलग दो प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। झरिया में पीने के पानी की समस्या से उन्हें अवगत कराया। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल की बात माने तो उपायुक्त ने जल्द ही पानी की समस्या का निदान करने का आश्वास दिया है।

झरिया में पानी को लेकर हाथों में तख्तियां लेकर विरोध करतीं महिलाएं।

झरिया चैंबर ने झमाडा कार्यालय पहुंचकर 20 जुलाई से अनियमित जलापूर्ति पर जताया विरोध

झरिया चैंबर अाॅफ कॉमर्स के जिला चैंबर संरक्षक राजीव शर्मा के नेतृत्व में झरिया झमाडा कार्यालय पहुंचे। एसडीपीओ की अनुपस्थिति में ज्ञापन अन्य अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले 20 जुलाई से झरिया में अनियमित जलापूर्ति होने पर विरोध प्रकट किया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि झरिया में शीघ्र जलापूर्ति को नियमित किया जाए। प्रतिनिधि मंडल में दीपक कुमार दीपू, मणिभूषण सिंह, उपेन्द्र गुप्ता, अमीत कुमार साहु, अनूप साव सहित दर्जनों की संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।

इधर, कोयलांचल मंच आंदोलन के मूड में

कोयलांचल नागरिक मंच पानी की समस्या पर आंदोलन के मूड में हैं। एक प्रतिनिधि मंडल धनबाद के उपायुक्त से मिला। लीकेज पाइप की मरम्मत, खराब पड़े मोटर की मरम्मत, नदी का जल स्तर बढ़ने पर मोटर डूबने की समस्या को रखा। समस्या को स्थाई समाधान करने की मांग की। उपायुक्त ने एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान करने की बात कही है। प्रतिनिधिमंडल में राजकुमार अग्रवाल, अमित कुमार गुप्ता, गणेश कुमार गुप्ता, शिव चरण शर्मा, महेश त्यागी, रमेश कुमार अग्रवाल, अरिंदम बनर्जी, अशोक वर्णवाल सहित दर्जनों की संख्या में लोग मौजूद थे।

भास्कर न्यूज|झरिया

झरिया में पानी के लिए उपभोक्ताओं को अभी और जूझना पड़ेगा। कारण जलापूर्ति करने वाले 12 एमजीडी का मोटर जल गया है। जब-तक मोटर बन नहीं जाता, तब तक जलापूर्ति नियमित नहीं हो पाएगी। इसकी पुष्टि जामाडोबा वाटर फिल्टर प्लांट के कर्मी भी कर रहे हैं। इससे अधिकारी भी वाकिफ हैं। बावजूद स्पष्ट रूप से वह कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। इधर, झरिया में पीने के पानी का घोर किल्लत है। दो से तीन दिनों बाद आंशिक जलापूर्ति की जा रहीं है। इससे लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। बरसात के पानी से नित्य क्रिया करने को मजबूर है। मंगलवार को झरिया में आंशिक जलापूर्ति हुई। सबसे खराब स्थित उपर राजबाड़ी की है। यहां पर पूर्व से तो पानी की समस्या है ही। झमाडा की हड़ताल के बाद से और भी समस्या विकराल हो गई है। झरिया में पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध किया। उपभोक्ता अपने-अपने हाथों में तख्तियां लिए थे। जिस पर कई स्लोगन लिखा था। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने कहा कि हम पानी के लिए तरस रहे हैं, आपको वोट के लिए तरसाएंगे। इसका नेतृत्व पूर्व पार्षद अनूप साव कर रहे थे। इधर पानी की समस्या पर विभिन्न संगठनों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। मंगलवार को इस मामले में अलग-अलग दो प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। झरिया में पीने के पानी की समस्या से उन्हें अवगत कराया। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल की बात माने तो उपायुक्त ने जल्द ही पानी की समस्या का निदान करने का आश्वास दिया है।

12 एमजीडी मोटर बनने के बाद दूर होगी समस्या

नियमित जलापूर्ति के लिए प्रयास किया जा रहा है। तकनीकी कारणों से परेशानी हो रही है। 12 एमजीडी मोटर बंन जाने के बाद समस्या दूर हो जाएगी और लोगों को पानी मिलने लगेगा।’’ महेन्द्र प्रसाद शिफ्ट इंचार्ज

भुगतान की समस्या से झेल रहा है संवेदक

झमाडा का जमाडोबा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है। चार मोटर पूर्व से जला है। झमाडा कर्मियों की हड़ताल के समय पीएचडी और अन्य कर्मियों ने प्लांट को चलाने का प्रयास किया था। कहा जा रहा है कि उसी दौरान 12 एमजीडी का मोटर जल गया था। हड़ताल समाप्त होने के बाद उसे बनाने का कार्य भी शुरू हो गया है। लेकिन संवेदक कार्य को रफ्तार से नहीं कर रहा है। कार्य चालू है संवेदक को राशि भुगतान नहीं होता।

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