भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
राजस्थान हाईकोर्ट ने इस्लामपुर के सरपंच की बर्खास्तगी के मामले में दायर रिट याचिका की सुनवाई के बाद बर्खास्तगी आदेश अग्रिम आदेशों तक रोक लगाते हुए सरपंच को पद पर बहाल कर राहत प्रदान की है। मामले के अनुसार सरपंच आशाराम के विरुद्ध विभिन्न कार्यों में नियम विरुद्ध फर्जी भुगतान कर अनियमितता करने संबंधी शिकायतों के चलते विभाग ने आरोप पत्र जारी कर जांच करवाई थी। जांच रिपोर्ट के बाद नियम विरुद्ध भुगतान करने एवं राजकीय आदेशों की अवहेलना को लेकर सरपंच एवं ग्राम सेवक को दोषी मान कर उनसे 265780 रुपए की वसूली के आदेश जारी किए थे। इसके बाद संभागीय आयुक्त ने 5 अप्रैल 2018 को आशाराम को दोषी मानते हुए सरपंच पद से तुरंत प्रभाव से हटाने के आदेश जारी कर दिए। इस पर आशाराम ने हाईकोर्ट में एडवोकेट संजय महला के जरिए याचिका दायर कर आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए उस पर रोक लगाने की मांग की। इस पर कोर्ट ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग जयपुर के प्रमुख शासन सचिव, उपायुक्त जांच, संभागीय आयुक्त, झुंझुनूं कलेक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं विकास अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार को जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए।