भास्कर संवाददाता | मंड्रेला/झुंझुनूं
बजावा सूरों का निवासी 42 वर्षीय राजेंद्र सूरा 15 मई की तड़के अंधड़ के दौरान छत से उतरते वक्त तेज हवा के थपेड़े से घर के बाहर गली में जा गिरा। इससे उसका एक कंधा टूट गया और सिर में गंभीर चोट आई। उसे झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल से जयपुर रैफर किया गया। जयपुर में दो दिन उपचार के बाद डॉक्टर ने ब्रेन डेड बता दिया तो परिजनों ने राजेंद्र के कुछ अंग दान करने का निर्णय लिया। उन्होंने उसका दिल, दोनों किडनियां व लीवर दान कर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।
राजेंद्र के छोटे भाई सुनील ने बताया कि वे राजेंद्र को लेकर 15 मई की दोपहर एसएमएस अस्पताल जयपुर पहुंच गए थे, लेकिन दो दिन इलाज के बाद 17 मई को डॉक्टरों ने राजेंद्र को ब्रेन डेड बता दिया। डाक्टरों ने बताया कि उसके कुछ अंग पूरी तरह से सक्रिय हैं जो किसी और की जिंदगी बचा सकते हैं। सुनील ने बताया कि डॉक्टर ने राजेंद्र के हृदय, लीवर व दोनों किडनी दान करने की सलाह दी तो परिजनों से मशविरा कर राजेंद्र के उक्त अंग दान कर दिए गए। इसके बाद राजेंद्र का शव शुक्रवार को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने शुक्रवार देर शाम ही गांव पहुंच कर राजेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया। सुनील ने बताया कि राजेंद्र अविवाहित था। गांव में ही आटा चक्की चलाता था। खेती बाड़ी में भी परिजनों का हाथ बंटाता था। पिता शेरसिंह का पहले ही निधन हो चुका है। अभी एक पखवाड़े पहले ही मां का मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। हालांकि उसके जाने का गम तो है लेकिन इस बात का संतोष है कि उसके अंगों से किसी को जिंदगी मिल रही है।
राजेंद्र सूरा