डीटीओ बोले-जांच केंद्रों पर ऑफलाइन पीयूसी मिलना गंभीर, सभी 29 केंद्रों की जांच होगी
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
जिला परिवहन कार्यालय के सामनेे मोबाइल वेन में संचालित एक प्रदूषण जांच केंद्र (पीयूसी) पर मंगलवार को गड़बड़ी पकड़ी जाने के बाद जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) ने जिले में संचालित सभी पीयूसी की जांच के निर्देश दिए हैं। प्रक्रिया ऑनलाइन होने के एक महीने बाद भी जांच केंद्र पर ऑफलाइन प्रमाण पत्र मिलने को गंभीर माना गया है। इसकी जांच भी की जाएगी। डीटीअो ने कहा है कि किसी भी सूरत में सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
दैनिक भास्कर ने मंगलवार को जिला परिवहन कार्यालय के सामनेे मोबाइल वेन में संचालित प्रदूषण जांच केंद्रों (पीयूसी) का स्टिंग किया था। पीयूसी पर हो रही गड़बड़ी के बारे में डीटीओ मक्खन लाल जांगिड़ को बताया गया तो उन्हाेंने परिवहन निरीक्षक (टीआई) उम्मेद सिंह को मौके पर भेजा था। टीआई सिंह ने ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाते आॅपरेटर को रंगे हाथों पकड़ा था। हालांकि टीआई ने अभी इस मामले की रिपोर्ट डीटीओ को नहीं सौंपी है, फिर भी गड़बड़ी के बारे में पता चलने के बाद डीटीओ जांगिड़ ने निर्देश दिए हैं कि जिले में संचालित सभी पीयूसी 29 केंद्रों की नियमित जांच की जाए। उन्हाेंने बताया कि इसी अप्रैल से पीयूसी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद सभी प्रदूषण जांच केंद्रों के संचालकों को ऑफलाइन पीयूसी सामग्री विभाग में जमा कराने के नोटिस जारी किए थे। नोटिस के एक महीने बाद भी इन केंद्रों पर ऑफलाइन प्रमाण पत्र मिलने की जांच भी की जाएगी। संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी का लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है।
जुर्माने से बचाने का लालच देकर बैक डेट में बना रहे थे पीयूसी
पैनल्टी से बचाने का लालच देकर वाहन मालिकों/चालकों से आधी राशि ही ली जा रही थी और बैक डेट में ऑफलाइन प्रमाण पत्र बना कर इसके नंबरों के आधार पर ऑनलाइन प्रक्रिया से नया प्रमाण पत्र बनाया जा रहा था। ऐसे में केंद्र संचालक को सिर्फ पीयूसी शुल्क ही सरकार को देना पड़ता और पैनल्टी बच जाती। इससे वाहन मालिक/चालक से ली गई राशि में से शुल्क काट कर बाकी रकम केंद्र संचालक की जेब में ही जाती। इस सारे खेल का वाहन मालिक को भी पता नहीं चल पाता है। उसे तो सिर्फ ऑनलाइन बना हुआ पीयूसी ही थमाया जाता है। डीटीओ के परिवहन निरीक्षक (टीआई) उम्मेद सिंह ने मौके पर पहुंच ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाते आॅपरेटर को रंगे हाथों पकड़ा।
16 मई को प्रकाशित समाचार