राजकीय शिक्षण संस्थानों में लिंग समानता के लिए जेंडर चैंपियन बनाए जाएंगे। निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर ने जेंडर चैंपियन चुनने के निर्देश जारी किए है। ये जेंडर चैम्पियंस सरकारी स्कूलों में छात्र- छात्राओं के बीच लिंग भेद के अंतर को मिटाने के उद्देश्य से काम करेंगे और स्कूल का बेहतर माहौल तैयार करने में मदद करेंगे। इस बारे में बीकानेर शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए है। निर्देशों के अनुसार जेंडर चैम्पियंस स्कूल में पढ़ने वाले 16 वर्ष तक के स्टूडेंट्स होंगे, जिन्होंने पिछली कक्षा में कम से कम 50 फीसदी अंक प्राप्त किए हों। इन चैम्पियंस का चयन उनकी बौद्धिक क्षमता, निर्णय क्षमता व उसकी ईमानदार से होगा। जेंडर चैम्पियंस बनाने का उद्देश्य छात्र- छात्रों को जेंडर संवेदनशील बनाना तथा बालिका अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। ये चैम्पियंस पियर ग्रुप के बीच चर्चा वाद- विवाद या अन्य प्रतियोगिताएं कराएंगे। इनका चयन एक साल के लिए होगा।
स्कूल स्तर पर होंगे यह कार्य : स्कूल में छात्र संख्या के आधार पर नोडल शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। ये नोडल शिक्षक जेंडर चैंम्प्यिन को गतिविधियों में सहायता प्रदान करेंगे। जेंडर चैंपियन और नोडल शिक्षक वर्ष भर किए जाले वाले कार्यों का कलेंडर तैयार करेंगे। जेंडर चैम्पियन को सशक्त व शक्तिशाली बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। केंद्रीय महिला व बाल विकास विभाग ने इा बारे में ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया है। संस्था प्रधान इस जेंडर चैंपियन की ओर से होने वाली प्रत्येक गतिविधियों का रिकॉर्ड रखेंगे। हर तिमाही रिपोर्ट माह की 25 तारीख को डीईओ ऑफिस भेजनी होगी।