दो बेटियों पर नसबंदी कराने वाले पड़ोसी की छोटी बेटी ‘कुकू’ की मौत हुई तो वैज्ञानिक ने उसे यादों में जिंदा रखने के लिए उसके नाम पर बनाया विमान, जुलाई में करेंगे परीक्षण
जयसिंह नेवरी | गुढ़ागौड़जी (ग्रामीण)
झुंझुनूं जिले के नेवरी (हाल जयपुर) निवासी ग्यारसी लाल कुमावत को बेटी खोने का जितना गम है उससे कहीं ज्यादा गर्व भी है कि उसी बेटी के नाम पर हमारे वैज्ञानिक एक विमान बनाने में जुटे हैं। यह विमान हमारी सेना को देश सेवा के लिए समर्पित किया जाएगा।
ग्यारसी लाल की दूसरी बेटी कुकू जन्म के करीब साढ़े तीन महीने बाद दुनिया को अलविदा कह गई। ग्यारसी लाल ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से प्रेरित होकर दो बेटियों पर परिवार नियोजन अपनाने का फैसला कर लिया था। इधर, जयपुर में उनके पड़ोसी एवं झुंझुनूं के खुड़ोत निवासी वैज्ञानिक/इंजीनियर रवि सिंह शेखावत ने सेना के लिए खास तरह के विमान की परिकल्पना की तो ग्यारसी लाल से प्रेरित होकर उन्होंने निर्माणाधीन विमान का नाम ‘कुकू’ और इस प्रोजेक्ट का नाम ‘मिशन कुकू’ रखा है। नेवरी निवासी ग्यारसी लाल दवा प्रतिनिधि हैं। वे जयपुर में ही काम करते हैं। निवारू रोड स्थित मकान में रहते हैं। उनकी बड़ी बेटी सात साल की है जो पहली में पढ़ती है। उनकी प|ी ऊषा कुमावत ने इसी साल 10 जनवरी को दूसरी संतान के रूप में भी बेटी को ही जन्म दिया। वे उसे प्यार से कुकू बुलाने लगे। बेटी बचाअो, बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रेरित होकर कुमावत दंपती ने तय कर लिया था कि वे दो बेटियों पर स्थाई परिवार नियोजन अपना लेंगे। कुकु के ताऊ दशरथ कुमावत ने बताया कि करीब साढ़े तीन महीने बाद 21 अप्रैल को कुकू इस दुनिया को अलविदा कह गई। इधर, ग्यारसी लाल के जयपुर में पड़ोसी एवं झुंझुनूं के खुड़ोत निवासी इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित कार्यालय में वैज्ञानिक/इंजीनियर रवि सिंह शेखावत भारतीय सेना के लिए एक खास विमान बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। दो बेटियों पर परिवार नियोजन अपनाने की ग्यारसीलाल की बात से प्रेरित होकर एवं कुकू के नाम को स्थाई बनाए रखने के लिए रवि सिंह ने इस विमान का नाम कुकू और अपने इस प्रोजेक्ट का नाम मिशन कुकू रख दिया। बकौल रवि सिंह, फाइटर किस्म का यह खास विमान बर्फीली हवाओं और विपरीत परिस्थितियों में भी माल ढोने और सेना के गुप्त मिशन में सहयोगी रहेगा। इसका निर्माण जयपुर में ही झोटवाड़ा स्थित रवि अनुसंधान एवं विकास केंद्र (आरआरडीसी) में किया जा रहा है।
कुकू (फाइल फोटो)
झुंझुनूं के वैज्ञानिक रविसिंह शेखावत ने भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक विमान की कल्पना की थी
विमान की खासियत : 80 किलाेमीटर प्रति घंटा होगी रफ्तार, पर्यावरण के अनुकूल, प्रदूषण एवं ध्वनि रहित तथा वजन में हल्का होगा
वैज्ञानिक रवि सिंह ने बताया कि कुकू सैन्य हवाई जहाज का निर्माण वैज्ञानिक दीपक तिवारी के निर्देशन में शुरू किया गया है। विमान पर्यावरण के अनुकूल, प्रदूषण एवं ध्वनि रहित तथा वजन में अन्य विमान के मुकाबले हल्का होगा। इसकी अनुमानित रफ्तार 800 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। लंबाई करीब 10 मीटर होगी। सिंह के मुताबिक मिशन कुकू की शुरूआत हाल ही 15 मई को हुई और सबकुछ ठीक रहा तो पहला विमान 30 जुलाई 1919 तक बनकर तैयार हो जाएगा। रवि सिंह ने बम निष्क्रिय करने के लिए भी सिक्योरिटी डिवाइस तैयार किया था। इस डिवाइस की जद में आते ही अातंकियों की गाड़ी को लॉक हो जाती है। जिस घर/संस्थान में डिवाइस लगा होता है वहां सायरन बज जाता है। सेना के अधिकारियों द्वारा भी इसका परीक्षण किया जा चुका है। वर्तमान में जयपुर सहित कई शहरों में आवासीय कॉलोनियों एवं औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा की दृष्टि से इस डिवाइस का उपयोग किया जा रहा है।
विमान निर्माण के उद्घाटन अवसर पर कार्यक्रम में कुकू के पिता को सम्मानित करते वैज्ञानिक।