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4 दिन में हुई 5 लाख 26 हजार बैग की खरीद, उठान 1 लाख का, उठान धीमा होने से किसानों को परेशानी
अनाज मंडी अब गेहूं की फसल से अट गई है। पूरी अनाज मंडी में गेहूं के बैग ही बैग नजर आ रही है। 4 दिन की खरीद में हालात यह हो गए हैं कि किसानों को फसल अनाज मंडी गेट या फिर बाहर खाली प्लाॅटों में उतारनी पड़ रही है। इस कारण अनाज मंडी में जितनी तेजी से फसल की आवक हो रही है उसकी तुलना में उठान काफी धीमा होना है। उठान धीमा होने की वजह अभी तक एफसीआई के पीजी गोदामों का न खोले जाना बताया जा रहा है।
शुक्रवार शाम तक जींद अनाज मंडी में सरकारी खरीद एजेंसियों की ओर से 5 लाख 26 हजार 780 गेहूं के बैग खरीदे गए हैं। इनमें से सिर्फ एक लाख बैग का ही उठान हो पाया। इसके चलते अभी भी अनाज मंडी में 4 लाख 26 हजार 780 बैग अभी भी मंडी में पड़े हुए हैं। शनिवार को फसल की आवक ज्यादा होने से दिक्कत और बढ़ गई है। फसल डालने के लिए जगह न मिल पाने के कारण आढ़तियों को अब इधर-उधर फसल उतरवानी पड़ रही है। जो बैग मंडी में पड़े हुए हैं उनके मजूदरों से ढांग (स्टाल) लगाने पड़ रहे हैं।
ये है दिक्कत
अनाज मंडी में उठान धीमा होने के कारण किसानों व आढ़तियों को फसल डालने की जगह नहीं मिल पा रही है। इससे इधर-उधर फसल उतारनी पड़ रही और इससे फसल की क्वालिटी खराब हो सकती है। मौसम की अनिश्चितता और बार-बार छा रहे बादल से खुले में पड़े फसल के लाखों बैग भीगने की संभावना है। यदि मौसम ने साथ नहीं दिया तो फिर हजारों क्विंटल गेहूं खराब हो सकता है। इससे सरकार को नुकसान होगा।
किस एजेंसी ने कितनी की गेहूं की खरीद और उठान
एजेंसी खरीद (क्विंटल में) उठान (बैग में) उठान बाकी (बैग में)
फूड एंड सप्लाई 1 लाख 8 हजार 740 30 हजार बैग 1 लाख 87 हजार 480
हैफेड 1 लाख 8 हजार 325 40 हजार बैग 1 लाख 76 हजार 650
वेयर हाउस 46 हजार 325 30 हजार बैग 62 हजार 650
कुल 2 लाख 63 हजार 390 1 लाख बैग 4 लाख 26 हजार 780
नोट- उपरोक्त गेहूं की खरीद एवं उठान शुक्रवार शाम तक का है।
दो ठेकेदारों को सौंपा काम
जींद अनाज मंडी में 10 अप्रैल को गेहूं की खरीद शुरू हुई। इसके लिए चार सरकारी एजेंसियों जिनमें फूड एंड सप्लाई, स्टेट वेयर हाउस, एफसीआई व हैफेड शामिल है। खरीदे गए गेहूं उठान के लिए दो ठेकेदारों को जिम्मा दिया गया है। दोनों दो-दो एजेंसियों के खरीदे गए गेहूं का उठान करेंगे। उधर, गौरव ट्रेडिंग कंपनी के ठेकेदारी रामजुआरी का कहना है कि अभी तक एफसीआई के पीजी गोदाम नहीं खोले गए हैं। इस कारण उठान थोड़ा धीमा हैं क्योंकि बैग उतारने के लिए पर्याप्त स्पेश नहीं है। आवक एकदम ज्यादा होने से भी दिक्कत बढ़ी है। बाकी उठान का काम सुचारू रूप से चल रहा है।
विवाद की वजह से नहीं खुले हैं गोदाम
एफसीआई का कोई लेबर संबंधी मामला चल रहा है। इस कारण अभी तक एफसीआई ने खरीद शुरू नहीं की है और न ही गोदाम खुले हैं। जिन जगहों पर एफसीआई की खरीद थी वह दूसरी एजेंसी को दे दी है ताकि दिक्कत न आए। उठान सुचारू रूप से हो रहा है। लेकिन आवक में तेजी होने से मंडी फसल से भर गई है।\\\' - राजेश कुमार आर्य, डीएफएससी जींद।
निजी कांटों पर तोल के कारण जुलाना में जाम
भास्कर न्यूज | जुलाना
अनाज मंडी में गेहूं तोल के लिए कांटा भी लगाया गया है बावजूद इसके गेहूं को जींद रोहतक मार्ग पर स्थित एक कांटे पर तोल किया जा रहा है। इससे किसानों में रोष है। तोल के कारण जींद रोहतक मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे पुलिसकर्मियों को भी जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
किसान अपने अनाज को मंडी में लेकर आते हैं लेकिन बाहर कांटे से तोल करवाने पर उनकी जेब पर भी डाका डाला जा रहा है। गोसाईं खेड़ा निवासी किसान रामपाल ने कहा कि वह गेहूं को लेकर जुलाना की अनाज मंडी में आया था लेकिन उसकी फसल का तोल बाहर करवाया गया। पौली निवासी किसान कृष्ण ने कहा कि जब मंडी में कांटा है तो वहां पर तोल क्यों नहीं किया जा रहा है। इसी को लेकर किसानों में रोष हैैै।
जुलाना. जींद-रोहतक मार्ग पर अनाज मंडी के सामने लगा जाम। फोटो | भास्कर
मंडी में है कांटे की व्यवस्था : जुलाना मार्केट कमेटी के सचिव दीपक लोहचब का कहना है कि मंडी में कांटे की व्यवस्था की गई है। कोई भी किसान जब चाहे कांटे पर अपने गेहूं का तोल करवा सकता है। किसानों को तोल की पर्ची भी दी जा रही है। अब किसान बाहर क्यों फसल को तोल रहे हैं। यह तो किसान ही बता सकते हैं।
जींद. गेहंू के बैग से अटी अनाज मंडी।