कबड्डी में किए भ्रष्टाचार पर संघ के प्रधान ने की सीबीआई जांच की मांग
जींद. बुलबुल कॉम्प्लैक्स में पत्रकारों को फर्जी सर्टिफिकेट दिखाते भारतीय कबड्डी संघ के पदाधिकारी।
जींद | भारतीय कबड्डी संघ के नवनियुक्त प्रधान सुरेंद्र कुमार, महासचिव रोहताश नांदल और उपाध्यक्ष प्रवीन यादव ने कहा कि कबड्डी का खेल कहने को तो भारतीय परंपरागत खेल है। पिछले 20 वर्षों से इस खेल की आड़ में भ्रष्टाचार का जो जाल फैलाने का काम (एकेएफआई) अखिल भारतीय कबड्डी संघ ने किया है, ऐसा पहले किसी भी संघ द्वारा नहीं किया गया। क्योंकि प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी कर धनाढ्य लोगों को पैसे के बल पर आगे लाया गया। सरकार को सीबीआई से इसकी जांच करवानी चाहिए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके। भारतीय कबड्डी संघ के पदाधिकारी रविवार को बुलबुल कॉम्प्लैक्स में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
प्रधान सुरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों से रुपए लेना, महिला खिलाड़ियों को तरह तरह की यातनाएं देकर सैकड़ों की तादाद में खेल प्रमाण-पत्र बेचने का गोरखधंधा चला रखा है। इस गोरखधंधे में 2005 में दिल्ली के मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन में कई एफआईआर अखिल भारतीय कबड्डी संघ के प्रधान और सचिव के खिलाफ दर्ज हुई हैं। भारतीय कबड्डी संघ के पदाधिकारियों ने अब खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए केंद्र सरकार, खेल मंत्रालय एवं इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से सभी पहलुओं पर सीबीआई जांच करवाने की मांग की। इस मौके पर हरियाणा कबड्डी संघ के प्रधान विजय प्रकाश, अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नरेश पहलवान, रणधीर सिंह श्योराण, आनंद लाठर, विजेंद्र सिंह मौजूद रहे।