- Hindi News
- National
- वक्फ बोर्ड कानून में किए गए संशोधन को रद्द करने की मांग, 21 को होगा प्रदर्शन
वक्फ बोर्ड कानून में किए गए संशोधन को रद्द करने की मांग, 21 को होगा प्रदर्शन
वक्फ बोर्ड किरायेदार एसोसिएशन की मीटिंग रविवार को तांगा चौक स्थित मंदिर में हुई। इसकी अध्यक्षता प्रधान संतलाल चुघ ने की। बैठक में सरकार से मांग की गई कि जो कांग्रेस सरकार जाते-जाते वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन कर गई थी, इसे रद्द किया जाए।
संतलाल चुघ ने बताया कि इस कानून के अंतर्गत किसी भी वक्फ जायदाद का किराया कम से कम उसकी कलेक्टर दर का 2.5 प्रतिशत होगा, उसके बाद उसकी बोली लगाई जाएगी, जिसकी अधिक बोली होगी वो ही आगे किरायेदार होगा। वर्तमान किरायेदार को अपना दुकान, मकान खाली करना होगा। इसके तीन साल बाद फिर यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी और उसके बाद अधिक बोली देने वाले किरायेदार के नाम दुकान या मकान कर दिया जाएगा और उसी समय किरायेदार को अपनी दुकान व मकान खाली करना होगा। इस प्रकार से ये काला कानून वक्फ बोर्ड किरायेदारों के लिए आत्महत्या का कानून बनने जा रहा है। पहले के नियमों में प्रत्येक तीन साल में वक्फ जायदाद का रिन्यूवल किया जाता था और आपसी सहमति से नियमानुसार किराया बढ़ा दिया जाता था।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में जो किरायेदारों के मौलिक अधिकार हैं, वक्फ किरायेदारों को वो अधिकार दिए जाएं। 2013-14 में जो देश में मौलिक अधिकारों का हनन किया गया था, उसका विरोध लगातार जारी रहेगा। बैठक में फैसला लिया कि वक्फ लैंड होल्डर्स 21 अप्रैल को नेहरू पार्क से लेकर डीसी कार्यालय तक मार्च निकालेंगे और उसके बाद डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।