जींद | हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ ने मांगों को लेकर सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से आह्वान किया कि जल्द से जल्द उनकी मांगें पूरी की जाएं। इस दौरान जिला प्रधान एनएचएम गुरदेव नैन ने कहा कि सरकार को रेफरल ट्रांसपोर्ट सर्विस -108 के केंद्रीयकरण पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसको लेकर संघ ने फैसला लिया है कि 22 मई को सभी कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे। 23 मई को सभी कर्मचारी कार्य का बहिष्कार करेंगे। यदि फिर भी मांग पूरी नहीं हुई तो 31 मई को सभी कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले जाएंगे।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि रेफरल ट्रांसपोर्ट सर्विस-108 के केंद्रीयकरण के नाम पर आउटसोर्सिंग में धकेलने की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए। अब तक जितने भी कर्मचारी आउटसोर्सिंग के तहत लगाए गए हैं। उन्हें एनएचएम में शामिल किया जाए या एनएचएम के तहत नई भर्ती की जाए। सेवा नियम में संशोधन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के माध्यम से 17 सूत्रीय रिप्रेजेंटेशन जनवरी में अग्रसित की गई थी, लेकिन आज तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए जल्द से जल्द सेवा नियम में संशोधन किया जाए। संशोधन कमेटी में संघ के दो प्रतिनिधि लिए जाएं। यदि जल्द ही उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला सचिव गौरव सहगल, रेफरल ट्रांसपोर्ट के जिला प्रधान वीरेंद्र डूमरखा, मीडिया प्रभारी संजीव कुमार, राजेश, सुखविंद्र, पूनम, सुनील, अशोक, एकता, संध्या, संदीप शर्मा, बबीता फोर, धर्मबीर मौजूद रहे।
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया को ज्ञापन देते एनएचएम कर्मचारी संघ सदस्य।