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154 ड्राइवर व 129 कंडक्टर रहे हड़ताल पर, जिले में एक भी सरकारी बस नहीं चली

3 वर्ष पहले
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केंद्र सरकार द्वारा नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करने के विरोध में मंगलवार को हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति ने पूर्ण रूप से बसों का चक्काजाम रखा। कर्मचारियों ने बस स्टैंड से एक भी रोडवेज बस को बाहर नहीं निकाला। इससे सभी 195 बसें बस स्टैंड परिसर में ही खड़ी रही। इसका असर यात्रियों पर काफी पड़ा।

यात्री बसें न चलने से इधर-उधर भटकते दिखाई दिए और उनको प्राइवेट वाहनों व निजी बसों में सफर करना पड़ा। मंगलवार अलसुबह साढ़े तीन बजे ही रोडवेज कर्मचारी बस स्टैंड परिसर में धरने पर बैठ गए और पूरे दिन बैठे रहे। कर्मचारियों ने रोडवेज परिसर के गेट पर ताला लगाया हुआ था। इस दौरान कर्मचारियों ने मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। धरने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। कर्मचारियों की हड़ताल का असर रोडवेज की आय पर भी पड़ा। रोडवेज को एक दिन में लगभग 15 लाख का नुकसान हो गया। कर्मचारियों की हड़ताल में 154 ड्राइवरों व 129 कंडक्टरों ने हिस्सा लिया। इसमें केवल एक कंडक्टर दीपक ढिगाना ने हाजिरी लगाई। बस स्टैंड के बाहर डीएसपी हेडक्वार्टर रामभज के नेतृत्व में दिनभर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।

जींद . गोहाना रोड पर प्राइवेट बस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते यात्री। फोटो | भास्कर

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पहुंचे कर्मचारियों के बीच, दिया समर्थन

जीएम ने दोपहर 12 बजे खुलवाया गेट का ताला

बसों को चलवाने के लिए जीएम दोपहर 12 बजे रोडवेज परिसर के गेट का ताला खुलवाने के लिए पहुंचे। ताकि कुछ बसों को रूटों पर चलाया जा सके। कर्मचारियों ने परिसर के गेट का ताला तो खोल दिया लेकिन कोई भी ड्राइवर बस चलाने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद जीएम वापस अपने कार्यालय चले गए। जीएम का कहना था कि जो भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर बस स्टैंड पर धरना दे रहे रोडवेज कर्मचारियों के बीच पहुंचे। जहां उन्होंने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी तीन मिनट तक नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सरकार जो मोटर व्हीकल एक्ट नियम लागू कर रही है। ये सरासर गलत है। इस नियम का असर सीधा ड्राइवर पर पड़ेगा। क्योंकि यदि किसी कारणवश बस का एक्सीडेंट हो जाता है तो इसका खामियाजा ड्राइवर को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर इस तरह के सभी कर्मचारी विरोधी कानूनों को बंद कर दिया जाएगा।

दिनभर भटकते रहे यात्री: लोगों को रोडवेज की हड़ताल होने से इधर-उधर भटकना पड़ा। यात्रियों को प्राइवेट वाहनों व परिवहन सहकारी समिति की बसों का सहारा लेना पड़ा। कई रूटों पर न तो प्राइवेट वाहन मिले और न ही कोई परिवहन सहकारी समिति की बसें थी।

जींद डिपो की 195 बसों में से 40 बसें नाइट सेवा के लिए लंबे रूटों पर गई हुई हैं और वे लगातार चल रही हैं। मैंने डिपो से और बसें भी चलाने की कोशिश की लेकिन सभी कंडक्टर व ड्राइवर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखेंगे।’-आरएस पूनिया, जीएम, रोडवेज डिपो जींद।

सहकारी परिवहन समिति संचालकों ने किया प्रदर्शन

किलोमीटर स्कीम में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए सहकारी परिवहन समिति के संचालकों ने शहर में प्रदर्शन किया। उन्होंने लघु सचिवालय जाकर मुख्यमंत्री के नाम सिटी सत्यवान मान को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष धर्म सिंह फौजी ने कहा कि सरकार ने जो किलोमीटर स्कीम जारी की गई है। इस स्कीम में बसें हायर करने के लिए आवेदन लेते समय मिलीभगत करके धांधली की गई है। इस स्कीम का प्रचार किया जाना चाहिए था लेकिन न तो परिवहन विभाग के कार्यालयों में नोटिस लगाया और न ही किसी अन्य माध्यम से वर्तमान बस संचालकों को सूचना दी गई। यदि यह स्कीम लागू की गई तो सरकार को हमेशा के लिए प्रति किलोमीटर ज्यादा अदायगी करनी पड़ेगी। इससे बस संचालन की लागत बढ़ जाएगी और जिसका बोझ जनता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह स्कीम पूंजीवाद को बढ़ावा देने वाली है। आम आदमी के रोजगार को खत्म करके उनका शोषण होगा। इस स्कीम पर तुरंत लोग लगानी चाहिए। आज प्रदेश के गांवों में बसों की जरूरत अनुसार सर्वे करके सहकारी परिवहन समितियों को व बेरोजगार युवकों को परमिट दिया जाए।

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