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अब 82 एकड़ में प्याज और टमाटर की खेती के लिए हुआ पंजीकरण

3 वर्ष पहले
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भावांतर भरपाई योजना ऑनलाइन आवेदन जमा करवाले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिछले कुछ दिनों के दौरान अनेक किसानों ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किए हैं। फिलहाल किसान प्याज तथा टमाटर की फसल के लिए आवेदन कर रहे हैं। अब तक किसानों द्वारा लगभग 82 एकड़ जमीन में प्याज तथा टमाटर लगाने के लिए आवेदन किए जा चुके हैं।

जिला उद्यान अधिकारी रविंद्र ढांडा ने मंगलवार को बताया कि इस योजना के प्रति किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। इस योजना को लागू करने के पीछे सरकार की मंशा किसानों को आलू, प्याज, टमाटर तथा फूलगोभी की फसलों के अच्छे दाम उपलब्ध करवाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकार द्वारा किसानों की इन फसलों को खरीदने के लिए न्यूनतम मूल्य इस योजना के तहत निर्धारित कर दिए गए हैं। अगर मंडियों में निर्धारित मूल्य से कम दाम पर इन फसलों की बिक्री होती है तो उसकी भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह योजना 1 जनवरी 2018 से लागू की गई थी। भावांतर भरपाई योजना का सबसे अच्छा प्रभाव बागवानी क्षेत्र पर पड़ा है। जिले में इस वर्ष बागवानी क्षेत्र बढ़ने की भी उम्मीद है। इसके पीछे आलू, प्याज, टमाटर तथा फूलगोभी जैसी फसलों के लिए मूल्य का निर्धारण होना है। उन्होंने बताया कि आलू के लिए 400 रुपए प्रति क्विंटल, प्याज के लिए 500 रुपए प्रति क्विंटल, टमाटर के लिए 400 रुपए प्रति क्विंटल तथा फूलगोभी के लिए 500 रुपए प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है।

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