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पहले धान फिर गेहूं की फसल हुई खराब, दोनों का था बीमा, अभी तक नहीं मिली क्लेम राशि

3 वर्ष पहले
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जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में घालमेल हो रहा है। किसान फसल का बीमा करा रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी उन्हें हुए नुकसान की क्लेम राशि नहीं मिल रही। खास बात यह है कि कृषि विभाग भी सर्वे में फसल के खराब होने की रिपोर्ट दे रहा है। बीमा कंपनी इसके बाद भी किसानों को फसल का मुआवजा नहीं दे पाई है। करेला समेत कई गांवों के किसानों के साथ ऐसा ही हुआ है। जिनकी बारिश से बीमा करवाई हुई पहले धान की और फिर गेहूं की सैकड़ों एकड़ फसल खराब हो गई। इन्हें मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिल पाई। किसानों को मुआवजा राशि क्यों नहीं मिल पा रही। कहां मुआवजा राशि जा रही है। इन सबकी अब प्रशासन ने जांच करवाने का फैसला लिया है।

एसडीएम वीरेंद्र सहरावत ने इस पर बीमा कंपनी व कृषि विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर रिकाॅर्ड तलब किया है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि क्यों नहीं मिल पाई।

बीमा कंपनी व कृषि विभाग को भेजे नोटिस, 21 मई को रिकाॅर्ड पेश करने को कहा

करेला गांव : 8 माह पहले खराब हुई सैकड़ों एकड़ धान की फसल

करेला गांव में पिछले साल बारिश से 50 से ज्यादा किसानों की सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान की फसल खराब हो गई थी। सभी किसानों की फसल का बैंक के माध्यम से ही प्राइवेट बीमा कंपनी द्वारा बीमा किया हुआ था। किसानों ने इस पर बीमा कंपनी व कृषि विभाग को अवगत कराया। बीमा कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर सर्वे किया और फसल के 100 प्रतिशत नष्ट होने की रिपोर्ट दी। लेकिन खराब हुई फसल की क्लेम राशि अभी तक नहीं मिली। इन्हीं किसानों ने इसके बाद गेहूं फसल की बिजाई की। इसका भी बैंक के माध्यम से प्राइवेट बीमा कंपनी ने बीमा किया। सर्दियों में ज्यादा बारिश होने के पर किसानों की सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल खराब हो गई। फिर से बीमा कंपनी व कृषि अधिकारियों ने सर्वे किया और फसल खराब होने की रिपोर्ट दी। लेकिन क्लेम राशि अभी तक नहीं मिल पाई।

जींद. फसल की क्लेम राशि न मिलने पर जींद पहुंचे करेला गांव के किसान।

किसान बोले- क्लेम राशि नहीं मिली, कैसे चुकाएंगे लोन

करेला गांव के पीड़ित किसान जितेंद्र, बारूराम, लहणा सिंह, जयबीर, शमशेर, नसीब, सत्यवान, महावीर आदि ने बताया कि उनकी धान व गेहूं दोनों फसल खराब हो चुकी हैं। फसल का बीमा भी करवाया हुआ था। बीमा कंपनी व कृषि अधिकारियों ने खराब हुई फसल का सर्वे भी किया। इसके बाद भी उन्हें क्लेम राशि नहीं मिली। ना क्लेम राशि मिली ओर ना ही पैदावार हुई। अब वे बैंक लोन को कैसे चुकाएं।

जांच के बाद ही पता चल पाएगा राशि क्यों नहीं मिली : एसडीएम

करेला गांव के किसानों की आई शिकायत पर जांच के आदेश दे दिए हैं। फसल का बीमा करने वाली बजाज एलायंस और कृषि विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में नोटिस भेजे गए हैं। 21 मई को दोनों से रिकाॅर्ड पेश करने के लिए कहा गया है। किसानों को बीमा क्लेम राशि अभी तक क्यों नहीं मिल पाई, यह राशि कहां गई, इसकी जांच के बाद ही पता चल पाएगा। - वीरेंद्र सहरावत, एसडीएम जींद।

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