जींद | एडीसी विक्रम ने गुरुवार को बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अन्तरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में अच्छी खासी बढ़ोतरी की है। इस स्कीम के तहत विवाह करने वाले जोड़े को दो लाख पचास हजार रुपए की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। इससे पहले मात्र एक लाख एक हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती थी।
एडीसी ने बताया कि समाज से जात-पात के भेदभाव को खत्म करने एवं आपसी सौहार्द्र को बढ़ाने के लिए अन्तरजातीय विवाह बतौर प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत अन्तरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को पहले एक लाख एक हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती थी। अब इस प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर दो लाख पचास हजार रुपए कर दिया गया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए दंपती में से एक अनुसूचित जाति से संबंधित होना चाहिए तथा एक गैर अनुसूचित जाति का होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह हरियाणा का स्थाई निवासी भी होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जींद जिले में इस योजना का भरपूर लाभ उठाया जा रहा है। पिछले वर्ष जिले में 13 ऐसे केस हुए जिन्होंने अन्तरजातीय विवाह कर इस योजना का लाभ उठाया है। एडीसी ने बताया कि इस योजना का लाभ लाभपात्रों को सहजता से उपलब्ध करवाने के लिए काफी सरल प्रक्रिया अपनाई गई है। पात्र व्यक्ति इस प्रोत्साहन राशि को विवाह के तीन साल बाद निकाल सकता है।