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सफाई रख घातक बीमारियों से बचें : डॉ. दहिया

3 वर्ष पहले
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विश्व डेंगू दिवस पर बुधवार को सिविल अस्पताल में सेमिनार का आयोजन किया। इसमें स्वास्थ्य कर्मचारियों व सामाजिक सगठनों ने भी हिस्सा लिया। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने डेंगू के रोकथाम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने घर तथा आसपास की सफाई करते हुए गड्ढों, खाली पड़े टायरों व गमलों में गंदा पानी खड़ा न होने दे तो इस भयंकर बीमारी से लोगों को बचाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि यदि तीव्र बुखार, सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द, आंख के पिछले भाग में दर्द, भूख कम लगना, मांस पेशियों एवं जोड़ों में दर्द, शरीर पर खसरे जैसे दाने निकलना व उल्टी आना तथा जी मचलने पर मरीज को तुरंत अपने आसपास के स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास ले जाकर खून की जांच करवाए। विश्व में प्रति वर्ष मलेरिया व डेंगू से लाखों लोगों की मौत हो जाती है। इस अवसर पर डॉ. जयसिंह देशवाल, डॉ. नवनीत कुमार, निरीक्षक राममेहर वर्मा, रामकुमार, सुपरवाइजर माया देवी, गुरनाम सिंह, जगदीप, अमरजीत, ओमप्रकाश, पवन कुमार, प्रदीप शर्मा, मुकेश कुमारी, नीलम, राधा रानी, आरती, सोनिया, पूनम, सविता, सुमन, सीता देवी, राधा रानी, राजरानी, मंजू रानी, सूरजमुखी, मुकेश, सविता, दर्शना, असमीना मौजूद रहे।

जींद. सेमिनार में कर्मचारियों को संबोधित करते सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया।

डेंगू से बचने को आसपास पानी न भरने दें : डॉ. दीपक

नरवाना | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उझाना के परिसर में डेंगू रोधी दिवस मनाने के बारे में सेमिनार का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सूची गोयल ने की। उन्होंने बताया कि बरसात का मौसम शुरू होने पर मलेरिया व डेंगू ज्यादा फैलता है। उन्होंने बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है इसलिए बुखार होने पर गांव में कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू से ब्लड स्लाइड जरूर बनवाएं। मलेरिया में तीसरे दिन रोगी को कंपकंपी के साथ बुखार, उल्टी व तेज सिर दर्द होता है तथा कुछ समय के बाद बुखार उतर जाता है। डॉ. दीपक ने बचाव के बारे में विस्तार से बताया कि अपने घर के आसपास पानी इकट्‌ठा न होने दें। यदि पानी इकट्ठा हुआ है तो उसमें कोई भी तेल डलवा दें ताकि मच्छर का लार्वा पैदा न हो सके।

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