पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सफाईकर्मियों की हड़ताल का समर्थन कर नप के अन्य कर्मचारी भी कार्यालय में सीटों पर नहीं बैठ रहे, कामकाज ठप व गंदगी के लगे ढेर

सफाईकर्मियों की हड़ताल का समर्थन कर नप के अन्य कर्मचारी भी कार्यालय में सीटों पर नहीं बैठ रहे, कामकाज ठप व गंदगी के लगे ढेर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नगरपरिषद के सफाई कर्मियों के साथ-साथ अन्य कर्मचारी भी पिछले तीन दिनों से अघोषित हड़ताल पर हैं। इसके कारण बुधवार को भी नगरपरिषद में कामकाज ठप रहा। नगरपरिषद के अन्य कर्मचारियों ने भी सफाई कर्मियों की हड़ताल का समर्थन किया और वे भी तीन दिन से कोई कामकाज नहीं कर रहे। इसके कारण शहरवासियों की दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं। विभिन्न कार्यों के लिए कई शहरवासी नगरपरिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका कोई भी काम नहीं हो पा रहा। इससे शहरवासियों में भी अब रोष बढ़ने लगा है। नगरपरिषद कार्यालय पहुंचे शहरवासी नितिन, मनोज, रमेश, अशोक आदि का कहना है कि कर्मचारियों के सीटों पर न बैठने के कारण उनके जरूरी कार्य अटक गए हैं। सरकार इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही। सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण लगातार शहर में सफाई व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। 500 टन से ज्यादा कूड़ा शहर की सड़कों व गलियों में बिखरा पड़ा है।

सफाई कर्मियों ने मांगों को लेकर बुधवार को भी नगरपरिषद कार्यालय पर धरना देकर रोष जताया। इसके बाद सफाई कर्मी प्रदर्शन करते हुए अर्बन एस्टेट में केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह की कोठी पर पहुंचे। यहां पर करीब आधे घंटे तक सफाई कर्मियों ने घेराव कर नारेबाजी की। इसके बाद सीटीएम सत्यवान मान मौके पर पहुंचे और उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा।

नप कार्यालय के सामने भी लगे कूड़े के ढेर सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर में सफाई व्यवस्था दिनों-दिन बदहाल होती जा रही है। शहर की अब कोई ऐसी सड़क नहीं है जिस पर जगह-जगह कूड़े के ढेर न लगे हों। नगरपरिषद कार्यालय के सामने ही कूड़े के बड़े ढेर लग गए हैं। इसके बाद भी नगरपरिषद द्वारा शहर में सफाई करवाने को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।

वहीं, एसडीएम वीरेंद्र सहरावत ने कहा कि जो कर्मचारी गैरहाजिर और सीटों पर नहीं हैं, उनकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार के पास कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

सफाई कर्मियों ने प्रदर्शन कर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह की कोठी का घेराव किया और सीटीएम को सौंपा ज्ञापन

जींद. अर्बन एस्टेट में केंद्रीय मंत्री की कोठी का घेराव कर नारेबाजी करते सफाई कर्मी।

जींद. नप कार्यालय के सामने टाउन हाल चौक पर लगे कूड़े के ढेर।

न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपए करने की मांग

उचाना | नगर पालिका सफाई कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर सातवें दिन भी नपा के पुराने भवन में धरना जारी रखा। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। सफाई कर्मचारी संघ की प्रधान शीला देवी ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने ठेका प्रथा को बंद करने, ठेका कर्मचारियों को पक्का करने, 15 हजार रुपए न्यूनतम वेतन करने, शिशु शिक्षा भत्ता दोगुणा करने, पंजाब के समान वेतनमान देने व अन्य मांगें की। इस मौके पर राजेश कुमार, इतवारी, सतपाल, ओमी देवी, सरोज देवी, सुरजी देवी, गुड्डी मौजूद रहे।

कांग्रेसी नेता सफाई कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल

नरवाना | लगातार 8 दिन से चली रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में विधायक पिरथी सिंह के बाद अब कांग्रेसी नेताओं ने भी अपना समर्थन दे दिया है। बुधवार को कांग्रेसी नेता बृजेन्द्र सुरजेवाला, पूर्व नप प्रधान कैलाश सिंगला, कृष्ण मोर, राजू एमसी, सतबीर दबलैन, विनोद मंगला, रामपाल उझाना सहित अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन दिया और सरकार द्वारा किए जा रहे कर्मचारियों के हनन को लेकर अवाज उठाई।

कैलाश सिंगला ने कहा कि सरकार को सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को मानकर उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में गंदगी का माहौल बढ़ रहा है, जिसकी तरफ सरकार व प्रशासन का कोई ध्यान नहीं हैं। कांग्रेसी नेताओं ने बताया कि शहर में बढ़ रही गंदगी से हर शहरवासी परेशान हैं। वहीं आठवें दिन की हड़ताल की अध्यक्षता नगर परिषद संघ प्रधान जगदीश ने की। कच्चे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए आज भी हरियाणा सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में नारेबाजी करते हुए हरियाणा सरकार से मांग की कि हमारी मांगों को पूरा नहीं किया तो ये हड़ताल अनिश्चितकाल में बदल दी जाएगी। हड़ताली कर्मियों को सतबीर, नरेश दनौदा व रामचंद्र दनौदा ने भी हड़ताल का समर्थन किया।

नरवाना. नप में चल रही नप कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में उपस्थित कांग्रेसी नेता।

उचाना. नपा के पुराने भवन में नारेबाजी करते हुए सफाई कर्मचारी।

खबरें और भी हैं...