आय बढ़ाने को नंदीशालाओं में लगेंगे बायो गैस प्लांट : डीसी
जींद | डीसी अमित खत्री ने बुधवार को बताया कि शहर की दोनों नंदीशालाओं में बायो गैस प्लांट स्थापित करवाए जाएंगे। इसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा कार्य योजना तैयार कर ली गई है। बायो गैस प्लांट स्थापित करने वाली एजेंसियों से संपर्क साधा जा रहा है ताकि इन दोनों प्लांटों को जल्द स्थापित करवाया जा सके। डीसी ने कहा कि दोनों बायो गैस प्लांटों के निर्माण पर लगभग 20 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी। राशि की व्यवस्था जिला प्लान योजना के तहत करवाई जाएगी।
डीसी ने बताया कि बायो गैस प्लांट स्थापित करने से 2 फायदे होंगे। पहला नंदीशालाओं में गोबर का उचित प्रबंधन होगा। वहीं, खाना बनाने के लिए रसोई गैस भी उपलब्ध हो जाएगी। जयंता देवी मंदिर में फिलहाल चार हजार और जींद वाली नंदीशाला में 1500 की संख्या में गोवंश मौजूद हैं। इतनी बड़ी संख्या में गोवंश होने से बायो गैस प्लांट स्थापित कर बड़ी मात्रा में रसोई गैस प्राप्त की जा सकती है। बायो गैस प्लांट स्थापित होने से गोबर से बढ़िया गुणवत्ता की खाद प्राप्त होगी। इस खाद को किसानों व अन्य जरूरतमंद लोगों को सस्ती दरों पर मुहैया करवाया जाएगा। इससे नंदीशालाओं के आय के साधन पैदा होंगे।
डीसी ने बताया कि बायो गैस प्लांटों से जो गैस प्राप्त होगी, इससे आसपास के संस्थानों, स्कूलों और घरों को उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे भी गोशालाओं को अतिरिक्त आमदनी होगी। बायो गैस प्लांट स्थापित करवाने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तेजी से कार्रवाई की जा रही है। जैसे ही बायो गैस प्लांट स्थापित करवाने वाली एजेंसियां मिल जाएंगी। उसके तुरंत बाद प्लांट स्थापित करने का काम शुरू हो जाएगा।