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डीएमयू के समय पर चलाई मालगाड़ी, 20 मिनट लेट के बाद बरसोला स्टेशन पर 30 मिनट रोकने पर यात्रियों ने की नारेबाजी

3 वर्ष पहले
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दिल्ली-जाखल पैसेंजर गाड़ी का जींद जंक्शन से चलने का समय 7 बजकर 45 मिनट है, लेकिन उसी समय मालगाड़ी को रवाना कर दिया जाता है। सवारी गाड़ी को आधे घंटे के बाद चलाया जाता है। यह वाक्या एक दिन का नहीं, हर रोज का है।

जींद जंक्शन से लगभग 45 एक्सप्रेस व पैसेंजर गाड़ियां गुजरती हैं। रेलवे भी यात्रियों की सुविधा के लिए नई-नई योजनाएं लागू कर रहा है, लेकिन जींद जंक्शन पर योजनाओं का लाभ तो दूर अधिकारियों की लापरवाही के कारण यात्रियों को ट्रेनों में सफर करने में भी परेशानी होती है। जिससे दैनिक यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। खासतौर पर रात के समय आने वाली पैसेंजर गाड़ियों में अधिकारी मनमानी करते हैं।

74013 दिल्ली-कुरुक्षेत्र पैसेंजर (डीएमयू) का जींद जंक्शन पर पहुंचने का समय 8 बजकर 10 मिनट है। पीछे से ही लेट होने के कारण 9 बजकर 10 मिनट पर जींद जंक्शन पहुंची। तभी दूसरी लाइन पर खड़ी मालगाड़ी को जाखल की ओर रवाना कर दिया। ट्रेन लेट होने से यात्री पहले से ही परेशान थे। इसके बाद मालगाड़ी के रवाना होने से ट्रेन ओर ज्यादा लेट हो गई। 20 मिनट बाद डीएमयू को जींद जंक्शन से चलाया गया और अगले स्टॉप बरसोला स्टेशन पर रोक दिया। आधे घंटे के लगभग रोके जाने पर यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों से जब ट्रेन रोके जाने का कारण पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और यात्री स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में घुस गए और नारेबाजी करनी शुरू कर दी। उसके बाद ट्रेन को चलाया गया और ट्रेन नरवाना स्टेशन पर पौने दो घंटे की देरी से पहुंची।

जींद. बरसोला स्टेशन पर अधीक्षक कार्यालय में मौजूद यात्री।

हर रोज यही होता है हाल
विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले मुरली, कुलदीप यादव, संदीप रोहिला, नीरज मित्तल, प्रतीक, मोनू शर्मा, सलीम खान ने बताया कि वह दिल्ली, रोहतक, जुलाना, जींद प्रतिदिन ट्रेन से आते-जाते हैं। प्रतिदिन उनको दिल्ली-जाखल या दिल्ली-कुरुक्षेत्र पैसेंजर गाड़ियां ही मिलती हैं, जिससे वह अपने घर आते हैं। जींद जंक्शन पर आते ही इन ट्रेनों के समय पर मालगाड़ी को रवाना कर दिया जाता है। इससे वह घर जाने के लिए लेट हो जाते हैं। इसको लेकर उन्होंने कई बार जींद स्टेशन अधीक्षक को भी शिकायत की है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं किया।

पावर फेल हो गई थी मालगाड़ी की
दिल्ली-कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन से पहले बरसोला स्टेशन से मालगाड़ी गुजरी थी। इसकी उचाना स्टेशन पर पावर फेल हो गई थी। उसको मेन लाइन पर ही रोक दिया गया था। उसके बाद जींद से इंजन को उचाना के लिए भेजा गया। उचाना स्टेशन पर लाइन खाली न होने पर डीएमयू को बरसोला स्टेशन पर आधा घंटा रोकना पड़ा। -सियाराम मीणा, स्टेशन मास्टर, बरसोला

गाड़ी चलाने के ऊपर से आदेश होते हैं

मालगाड़ी चलाने के आदेश ऊपर से आते हैं। इसमें स्थानीय अधिकारियों का कोई हाथ नहीं होता। मालगाड़ी चलाने पर ट्रेन अक्सर लेट हो जाती है और ट्रेन लेट होने से यात्रियों को परेशान होना स्वभाविक है। अनिल यादव, स्टेशन अधीक्षक, जींद

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