शिक्षकों की कमी के बावजूद जिले में 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम पिछले साल के मुकाबले 2.96 प्रतिशत ज्यादा रहा है। पिछले साल 66.06 से बढ़कर 69.05 पर जिले का परिणाम रहा। वहीं, 9436 विद्यार्थियों के मुकाबले में इस इस वर्ष 9913 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास कर जिले का नाम रोशन किया है। यही नहीं तीन विद्यार्थियों ने प्रदेश स्तर पर टॉपर में स्थान पाकर शिक्षकों को उनकी मेहनत का पुरस्कार दिया है।
वर्ष 2017 में जिले के 14278 विद्यार्थियों ने 12वीं की परीक्षा दी थी। इस वर्ष इस आंकड़े में मामूली सी बढ़त हुई है। इस बार 14359 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी जिसमें 9913 विद्यार्थी पास हुए। दूसरी तरफ अगर पिछले साल फेल होने वाले बच्चों की बात करें तो जिले के 2024 बच्चे फेल हुए थे लेकिन इस बार यह आंकड़ा कम हो गया है। इस बार केवल 1283 बच्चे ही फेल हुए हैं।
हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार कम्पार्टमेंट वाले विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा जरूर हुआ है। पिछले साल 2749 विद्यार्थियों की कम्पार्टमेंट थी, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 3106 पर पहुंच गया है। बावजूद इसके जिले के बढ़े हुए परीक्षा परिणाम ने शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी राहत देने का काम किया है।
14359 विद्यार्थियों में से 9913 विद्यार्थी हुए पास और 3106 की आई कम्पार्टमेंट
जींद. लैपटॉप पर सीनियर सेकंडरी का परिणाम देखने के लिए लगी विद्यार्थियों की भीड़।
जिले के स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति
स्कूल विद्यार्थी शिक्षक चाहिए
432 प्राइमरी 54 हजार 538 1909 91 सरप्लस
104 मिडल 32 हजार 789 1835 1797
212 हाई व सीनियर 35 हजार 319 1450 1021
सुधर सकती है जिले की स्थिति
सरकार अगर जिले में खाली पड़े शिक्षकों के पद भर दे तो आने वाले समय में जिले की तस्वीर बदल सकती है। फिलहाल जिले में 2818 शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम पर इसका असर पड़ा है।
आईपीएस बनना चाहती है गुरमीत
एसडी कन्या महाविद्यालय की 489 अंक लेकर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहने वाली आर्ट्स की छात्रा गुरमीत आईपीएस बन देश की सेवा करना चाहती है। गुरमीत ने बताया कि उसने सिर्फ मेहनत की। लेकिन यह पोजीशन मिलेगी कभी नहीं सोचा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सतबीर सिंह, माता अंग्रेजो और अध्यापकों को दिया। गुरमीत के पिता उझाना में भट्ठा चलाते हैं। दादी ज्ञानो देवी व मां अग्रेजों गुरमीत को अपने बेटे के बराबर मानते हैं।
निशु बनना चाहती है वकील
प्रदेश भर में 488 अंक लेकर तीसरा स्थान पाने वाली आर्ट्स की छात्रा निशु वकालत करना चाहती है। नगूरां के किसान सतबीर दलाल व निर्मला देवी की बेटी निशु ने सरकारी स्कूल में पढ़कर यह स्थान पाया है। प्रदेश के जिलों के विद्यार्थियों को पछाड़ते हुए एक छोटे से कस्बे की निशु ने यह मुकाम पाया है। छात्रा ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने दादा सज्जन दलाल, पिता सतबीर, मां निर्मला, चाचा सुभाष व प्रिंसिपल होशियार सहित शिक्षकों को दिया है।
तुषार का सीए बनने का है सपना
आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के तुषार का सपना है कि वह सीए बने। उन्होंने कॉमर्स में 483 अंक लेकर परीक्षा पास की। उनके पिता अनिल गर्ग सरकारी स्कूल कलायत में वाणिज्य के अध्यापक हैं। तुषार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने प्राध्यापक पिता अनिल गर्ग, माता बबीता गर्ग और अध्यापकों को दिया। तुषार की बहन गीत एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है। जिसकी प्रेरणा से भी पढ़ाई में वो अग्रणी रहा है।