डीएवी स्कूल में चल रहे नशे के खिलाफ छह दिवसीय जागरूकता अभियान का शनिवार को समापन हो गया। इसमें बच्चों को किसी भी प्रकार के नशे की लत न लगे। इसके लिए बच्चों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रेरित किया गया। इस अभियान के तहत बच्चों ने लघु नाटिका प्रस्तुत की व छात्रों ने विभिन्न पोस्टरों की रचना की तथा भाषण व कविता के द्वारा जन-जन को जागरूक किया। लघु नाटिका का विषय शराब मुक्ति व बुरी संगति रहा। इसमें छात्रों ने अपने अभिनय और उत्तम कला ज्ञान का परिचय देकर प्रस्तुतियां दी।
निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने कहा कि बच्चे अपने परिवार को नशे की आदत से छुटकारा दिला सकते हैं। वह अपने माता-पिता-दादा को शराब या सिगरेट का उपयोग करने से मना करें। अपने पिता-दादा से कहें कि वे आपको खोना नहीं चाहते और वे लंबी उम्र जीएं। अपने दादा-पिता को नशा न करने की शपथ दिलाएं। उनका कहना है कि यदि बच्चे इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे तो अवश्य ही सभी परिवारों में खुशी व शांति का माहौल होगा। यदि हमारे देश का भविष्य बच्चे यदि नशे की लत से बच जाएंगे तो आगे आने वाली पीढ़ी को इस प्रकार की बुराई से बचाया जा सकता है और समाज में फैली हुई बुराइयों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था वह आयु होती है, जिसमें कुछ कर गुजरने का जज्बा होता है और इस दौरान बिगड़ने का खतरा भी बना रहता है।
अभियान
डीएवी स्कूल में चल रहा नशे के खिलाफ अभियान संपन्न, बच्चों ने दी प्रस्तुति
जींद. आधारशिला स्कूल में नशे के खिलाफ अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते बच्चे।