जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ईशा खत्री ने शनिवार को शहर के भिवानी रोड स्थित ओल्ड-ऐज-होम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओल्ड ऐज होम संचालक समिति के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यहां रह रहे लोगों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने रसोई घर में जाकर खाने की गुणवत्ता का आंकलन किया।
उन्होंने कहा कि ओल्ड ऐज होम परिसर में स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अपने अधिकार हैं। वे अधिकारों के संरक्षण के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण में सादे कागज पर आवेदन कर सकते हैं। शहर में भिवानी रोड पर जन सेवा समिति द्वारा ओल्ड ऐज होम चलाया जा रहा है। यहां पर 59 व्यक्ति रह रहे हैं। इनमें कुछ मंदबुद्धि, दिव्यांग व्यक्ति हैं। कई वृद्ध जन्मजात गूंगे बहरे हैं। अपाहिज व्यक्तियों को भी यहां आश्रय दिया गया है। इसके अलावा 12 वृद्ध जो जिंदगी के अंतिम पड़ाव में है, उन्हें यहां आश्रय दिया गया है। इनमें कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपने घर का पता बताने में भी समर्थ नहीं हैं। समिति के अध्यक्ष प्रहलाद राय गर्ग ने बताया कि रोहतक कलानौर जैसे शहरों में भी इस प्रकार के ओल्ड ऐज होम चला रहे हैं। समाज से उपेक्षित लोगों को सामान्य जीवन जीने के लिए अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। ऐसे लोगों के रहने, खाने- पीने, स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
जींद. बीबीपुर में लड़कियों को गुड टच व बैड टच के बारे में जानकारी देती मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ईशा खत्री ।
छात्राओं को पढ़ाया गुड टच और बैड टच का पाठ
बाद में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ईशा खत्री ने बीबीपुर गांव के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में पहुंचकर छात्राओं को गुड टच व बैड टच के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल शोषण को रोकने के लिए प्राधिकरण द्वारा जागरूकता शिविर एवं कार्यक्रम आयोजित करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में यह कार्यक्रम बच्चों में चेतना जागृत करने के लिए है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बुरी नीयत से किसी बच्चे के साथ गंदा व्यवहार करता है तो वह बैड टच में आ जाता है। हमें बच्चों को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए।