लैंड मोरगेज बैंक ने कई गांवों के किसानों को जमीन नीलाम करने के नोटिस दिए हैं। कर्ज न भर पा रहे किसानों को उनकी जमीन नीलामी के सार्वजनिक नोटिस भेजे गए हैं। मुनादी तथा गांव गली में सार्वजनिक जगहों पर चिपकाए जाने के लिए प्रस्तावित इस नोटिस के अनुसार 30 मई को जींद में नीलामी होनी है। जुलाना विधायक परमेंद्र ढुल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कर्जदार किसानों से रिकवरी के लिए उनकी बेशकीमती जमीन को नीलाम करने के उद्देश्य को बर्दाश्त से बाहर करार देते हुए तथा सार्वजनिक रूप से ऐसे नोटिस भेजे जाने को अमानवीय और अपराध करार दिया।
विधायक ढुल ने कहा कि एक्ट 1993 के अनुसार 10 लाख से कम के कर्जे पर जमीन नीलामी के नोटिस भेजा जाना गैर कानूनी है। एक तरफ तो सरकार सर्वोच्च न्यायालय में यह एफिडेविट देती है की हम कर्जदार किसानों के नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते मगर दूसरी तरफ मुनादी और कर्जदार किसान की गांव गली तथा मकान के आगे सार्वजनिक रूप से कर्जदार किसान की बेइज्जती करने के उद्देश्य से उनकी जमीन नीलामी के नोटिस चिपकाए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि सरकार की मंशा केवल और केवल किसान विरोधी है। जरूरत पड़ने पर बड़े से बड़ा आंदोलन करेंगे तथा न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
उन्होंने कहा की आज जिले में गन्ना किसानों के करोड़ों रुपए बकाया है। ऐसे में उनकी प्रदेश सरकार से मांग है कि सभी किसानों का ब्याज सहित तुरंत भुगतान किया जाए। और साथ ही जिस भी किसान को लोन रिकवरी के लिए जमीन नीलामी के नोटिस भेजे गए हैं वह अभी वापस लिए जाएं।
जींद. किसानों को भेजे नोटिस पत्रकारों को दिखाते विधायक परमेंद्र ढुल।