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लापरवाही| जीरापुर, खुजनेर के बाद सिंदूरिया में किसानों ने 10 दिनों से बंद खरीदी का विरोध किया

3 वर्ष पहले
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समर्थन मूल्य पर कराई जा रही खरीदी के दौरान परिवहन धीमा होने से अब भी 70 हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं व दूसरे अनाज खुले में पड़े हैं। दो दिनों से खराब मौसम के दौरान कई बार हल्की फुहार पड़ गई हैं। इधर परिवहन की धीमी रफ्तार से जिले के कई खरीदी केंद्रों पर कुछ दिनों से बिना ऑफिशियल जानकारी के जिंस की खरीदी भी बंद कर दी है। बुधवार को सिंदूरिया गांव के केंद्र पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद घबराए स्टाफ ने खरीदी शुरू कराई।

परिवहन के अभाव में बाहर पड़े अनाज के खराब होने के डर से कई खरीदी केंद्रों पर बिना सूचना के 5 से 15 दिन से खरीदी बंद पड़ी है। इस दौरान केंद्र का स्टाफ किसानों से कोई न कोई बहाना बना कर गेहूं खरीदी और तौल के लिए मना कर रहा है। इसलिए किसान विरोध कर रहे हैं। हालात यह हैं कि दो दिन सरकारी अवकाश की वजह से अब महज दाे दिन और खरीदी की जाना है। इस अवधि में 17 हजार से ज्यादा किसानों का गेहूं खरीदना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

10 केंद्र बंद पड़े हैं। दो दिन के अवकाश से 18 तक खरीदी होगी, सभी को चेता दिया है। कुछ गोदाम मिले हैं, जल्द परिवहन कराकर गेहूं को सुरक्षित स्थान पर भरा जाएगा। बीएम गुप्ता, जिला प्रबंधक, एमपीसीसीएचसी राजगढ़

छाए बादल, परिवहन धीमा होने से 70000 क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा

जिले के कई केंद्रों पर कुछ दिनों से बिना ऑफिशियल जानकारी के उपज की खरीदी बंद की

10 दिन से बंद पड़ी थी खरीदी, विरोध किया तो शुरू कराई तौल

सिंदूरिया खरीदी केंद्र पर पिछले 10 दिनों से खरीदी बंद पड़ी थी। ग्रामीण श्याम गिर जलालपुरा, रामकरण, भगवानसिंह सौंधिया, शिवराजसिंह, दिनेश यादव ने बताया कि सोसायटी का गोदाम अभी खाली है। इसके बावजूद कुछ न कुछ बहाने से खरीदी नहीं की जा रही। परेशान किसानों ने बुधवार को पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी के नेतृत्व में गांव में धरना देना शुरू किया। इसी बीच केंद्र स्टाफ ने आनन-फानन में तुलाई शुरू करा दी।

48 हजार में से 31 हजार किसानों की हुई खरीदी इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए जिले के कुल 48 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। शुरुआत से ही खरीदी में सुस्त प्रकिया अपनाई गई। इस कारण इस बार लक्ष्य के मुताबिक खरीदी होना मुश्किल लग रहा है। 16 मई तक 1 लाख 47 हजार 127 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। जबकि इस साल1 लाख 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। यानि लक्ष्य से अभी 33 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी बाकी है।

सिंदूरिया में किसानों की समस्या को लेकर आंदोलन की येाजना तैयार करते किसान।

खुजनेर व जीरापुर में भी यही हाल

इससे चार दिन पहले जीरापुर में भी किसानों ने बंद पड़ी खरीदी का विरोध शुरू किया। तब जाकर केंद्र पर तौल शुरू हो सकी। इसी तरह खुजनेर केंद पर दो दिन पहले किसानों ने बंद पड़ी खरीदी का विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद ही यहां तौल शुरू हो पाई।

खरीदी केंद्र की व्यवस्थाएं सुधारकर 10 कांटों का इंतजाम करें: शर्मा

ब्यावरा| खरीदी केंद्र पर किसानों को कोई समस्याएं तो नहीं है। इसकी जानकारी के लिए बुधवार दोपहर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा कृषि उपज मंडी में खरीदी केंद्र पहुंचे। उन्होंने खरीदी केंद्र का जायजा लेकर किसानों से बात की। खरीदी केंद्र पर तौल कांटे कम नजर आए तो खरीदी केंद्र कर्मचारियों से कांटों की संख्या 10 करने के लिए निर्देशित किया। खरीदी केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए निर्देशित किया।

चार दिन शेष, दो दिन रहेगी सरकारी छुट्टी

इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए आखिरी तारीख 20 मई तय की गई है। लेकिन इस बार 19 और 20 मई को सरकारी अवकाश है। इसके चलते केंद्रों पर खरीदी 18 मई तक ही खरीदी की जाना है। ऐसे में दो दिनों में करीब 15 हजार किसानों की 33हजार टन फसल खरीदना बेहद मुश्किल है।

हम्मालों की कमी पूरा करो: हम्माल की कमी को देखते हुए मंडी से अतिरिक्त हम्माल लगाने के लिए मंडी सचिव को निर्देशित किया।

अभी 32 करोड़ से ज्यादा अटका है किसानों का भुगतान

इस साल समर्थन मूल्य पर 65 खरीदी केंद्रों पर 1 लाख 47 हजार 127 एमटी गेहूं खरीदा है। इसके बदले किसानों को 255 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना था। लेकिन बुधवार तक 222 करोड़ गेहूं का ही भुगतान किया गया। जबकि किसानों को 33 करोड़ का भुगतान किया जाना है।

परिवहन में परेशानी: : जिले में हुई खरीदी में से एक लाख 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं परिवहन कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। जबकि 7 हजार टन गेहूं अब भी खरीदी केंद्रों पर पड़ा। गोदाम के अभाव में परिवहन नहीं हो पाने से जिलेभर के 10 केंद्रों पर खरीदी बंद पड़ी है। हालांकि 15 सौ मीट्रिक टन गेहूं भंडार के लिए पचोर सोयाबीन प्लांट और 12 सौ टन के लिए खुजनेर का निजी गोदाम किराए पर लिया है।

निरीक्षण करते कलेक्टर।

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