भागवत कथा का श्रवण करते हुए श्रद्धालु।
काशीखेड़ी में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में रविवार से प्रारंभ होगा विष्णु महायज्ञ
भास्कर संवाददाता | जीरापुर
पास के गांव काशीखेड़ी में राधाकृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में श्रीमद् भागवत कथा की जा रही है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर कथा श्रवण कर रहे हैं। इसी कड़ी में 20 मई रविवार को सुबह 8 बजे से विष्णु महायज्ञ भी प्रारंभ किया जाएगा। भागवत सप्ताह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के तीसरे दिन पं. श्याम मनोहर शर्मा ने कहा कि मनुष्य जीवन में प्राप्त किया गया यौवन, राज, धन स्थायी नहीं है। यदि जीवन में सत्संग की प्राप्ति हो तो स्थायी रहेगा। सत्संग से ही यह जीवन सफल व सार्थक होगा। उन्होंने भक्त प्रह्लाद के चरित्र की कथा का विस्तार से व्याख्यान करते हुए कहा कि भगवान अपने भक्त की रक्षा के लिए किसी भी रुप में आकर रक्षा करते हैं। राजा हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रहलाद नारायण का जप करता यह बात राजा पर नागवार गुजरती। प्रहलाद को मारने के कई प्रयास किए, लेकिन परमात्मा की कृपा से राजा हर बार विफल हो जाता। आखिरकार नारायण ने नरसिंह रूप में अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का उद्धार किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा के नाम की सुमिरन करने से प्रहलाद को नारायण की प्राप्ति हुई। कथा के दौरान प्रसंग का नन्हे बालकों द्वारा मंचन किया गया। उपस्थित लोगों ने नरसिंह भगवान की पूजा अर्चना की।