क्लासिकल डांस क्रिटिकल हेरिटेज है सरकार टाइगर को तो बचा रही है, फिर डांस को क्यों नहीं
जोधपुर| पढ़ाई के दौरान चेन्नई में एक डांस प्रोग्राम में भरतनाट्यम देखा तभी ज्योत्सना जगन्नाथन ने सोच लिया था कि यही डांस सीखना है। जगन्नाथन ने कहा, मैं तो महज यह डांस देखने ही गई थी लेकिन डांस के जरिए कहानी सुनाने का अंदाज इतना पसंद आया कि मैंने इसे सीखने की ठान ली। हालांकि मैंने जब भरतनाट्यम सीखना शुरू किया तो मेरी उम्र दूसरे स्टूडेंट्स से कुछ ज्यादा थी, लेकिन मेरा पैशन कम नहीं था। गुरु ए. लक्ष्मण और मालविका सरुकाय से भरतनाट्यम की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। मेरा मानना है कि अगर बच्चों को स्कूलों में ही क्लासिकल डांस और म्यूजिक की समझ होने लगे तो उनकी सोच को एक अलग दिशा मिलेगी। क्लासिकल डांस अपनी ओर खींचने के साथ थिंकिंग को क्लीन भी करता है, जो कि आज के युवाओं के लिए एक हेल्दी माइंड मेडिसिन का काम करेंगे।
उन्होंने क्लासिकल डांस व दूसरी आर्ट के सिमटने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्रिटिकल हैरिटेज है और इसे प्रिजर्व करने की बहुत जरूरत है। \\\"कलाकार तो रियाज व परिश्रम से एक्सपर्ट हो रहे हैं लेकिन इस दिशा में रोजगार के साथ प्रसिद्धि व सरकारी मदद भी मिले तो कलाकार खुद को प्रोत्साहित महसूस करें।\\\' उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जितना जरूरी टाइगर को बचाने का कैंपेन है, उतनी ही जरूरत भारत की पारंपरिक और क्लासिकल विधाओं को बचाने की है।
फेमस होने के लिए नहीं, खुद के विकास के लिए सीखे डांस
बॉलीवुड व कॉन्टेंप्रेरी डांस से अधिक हारमनी क्लासिकल डांस में होती है, क्योंकि इसका बेस ही हारमनी है। क्लासिकल डांस से अनुशासन और स्टेप में चलने का जज्बा सीखने को मिलता है। इसे बहुत रियाज और कठिन परिश्रम के साथ हासिल किया जाता है। इसलिए यह सीखने पर धैर्य व इंतजार जैसी कला का विकास होता है। जब यूथ को इंतजार करना आ जाता है तो वह भटकने की बजाय स्ट्रगल और इंतजार पर यकीन करने लगता है। जरूरी नहीं कि सभी फेमस डांसर बनें लेकिन खुद के विकास के लिए कोई न कोई डांस जरूर सीखें।
चेन्नई की भरतनाट्यम नृत्यांगना ज्योत्सना जगन्नाथ शनिवार को अपनी प्रस्तुति देने के लिए जोधपुर में थीं। 17 साल की उम्र में भरतनाट्यम सीखना शुरू करने वाली ज्योत्सना को पिछले साल दिल्ली संगीत नाटक अकादमी द्वारा 2017 में उस्ताद बिस्मिल्ला खां अवार्ड से सम्मानित किया गया था। सिटी भास्कर ने उनसे बातचीत की...