ट्रेडिशनल स्टाइल व टेंपल गीत में दिखीं कई मुद्राएं
स्पिक मैके की ओर से शनिवार को आईआईटी के करवड़ स्थित कैंपस में चेन्नई की भरतनाट्यम की नृत्यांगना व दिल्ली संगीत नाटक अकादमी द्वारा 2017 में उस्ताद बिस्मिल्ला खां अवार्ड से सम्मानित ज्योत्सना जगन्नाथन की प्रस्तुति दी गई। उन्होंने शुरुआत दक्षिण भारत के मंदिर के ट्रेडिशन मल्लारी को प्रस्तुत कर स्वामी को रथ यात्रा के द्वारा घर से मंदिर तक ले जाने का दर्शन नृत्य की मुद्राओं और हाव भाव के साथ आदि ताल में प्रस्तुत किया। तमिल के फेमस गीत तेरूविलबारानो को राग खमाज और रूपक ताल में प्रस्तुत किया। इसमें ऐसी लड़की की कथा प्रस्तुत की जो शिव से प्रेम करती है और जीवन भर उनके सड़क पर दिखने का इंतजार करती है। भगवान शिव से संबंधित विभिन्न सवाल अपनी मां से करती है। मां उसके सवालों का जवाब उम्मीद के साथ देती है। कथा को उन्होंने भरत नाट्यम की साेलह से अधिक मुद्राओं के झलक के साथ बखूबी से प्रस्तुत किया। अंत में उन्होंने तुलसीदास के भजन \\\"ठुमक चलत\\\' को भाव भंगिमाओं के साथ पेश किया। संगत देने वालों में श्रीनाथ नाटूवंगम, बीनू, रमेश बाबू व राजेश थे। ओपन मंच के दौरान स्टूडेंट्स ने ज्योत्सना से कॅरियर संबंधी सवाल पूछे। आईआईटी के डायरेक्टर प्रो. सीवी मूर्ति ने नृत्यांगना ज्योत्सना जगन्नाथन का सम्मान किया। स्पिक मैके की को-ऑर्डिनेटर ईरा सिसोदिया ने कहा कि अन्य कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे।
सिटी भास्कर | जोधपुर
स्पिक मैके की ओर से शनिवार को आईआईटी के करवड़ स्थित कैंपस में चेन्नई की भरतनाट्यम की नृत्यांगना व दिल्ली संगीत नाटक अकादमी द्वारा 2017 में उस्ताद बिस्मिल्ला खां अवार्ड से सम्मानित ज्योत्सना जगन्नाथन की प्रस्तुति दी गई। उन्होंने शुरुआत दक्षिण भारत के मंदिर के ट्रेडिशन मल्लारी को प्रस्तुत कर स्वामी को रथ यात्रा के द्वारा घर से मंदिर तक ले जाने का दर्शन नृत्य की मुद्राओं और हाव भाव के साथ आदि ताल में प्रस्तुत किया। तमिल के फेमस गीत तेरूविलबारानो को राग खमाज और रूपक ताल में प्रस्तुत किया। इसमें ऐसी लड़की की कथा प्रस्तुत की जो शिव से प्रेम करती है और जीवन भर उनके सड़क पर दिखने का इंतजार करती है। भगवान शिव से संबंधित विभिन्न सवाल अपनी मां से करती है। मां उसके सवालों का जवाब उम्मीद के साथ देती है। कथा को उन्होंने भरत नाट्यम की साेलह से अधिक मुद्राओं के झलक के साथ बखूबी से प्रस्तुत किया। अंत में उन्होंने तुलसीदास के भजन \\\"ठुमक चलत\\\' को भाव भंगिमाओं के साथ पेश किया। संगत देने वालों में श्रीनाथ नाटूवंगम, बीनू, रमेश बाबू व राजेश थे। ओपन मंच के दौरान स्टूडेंट्स ने ज्योत्सना से कॅरियर संबंधी सवाल पूछे। आईआईटी के डायरेक्टर प्रो. सीवी मूर्ति ने नृत्यांगना ज्योत्सना जगन्नाथन का सम्मान किया। स्पिक मैके की को-ऑर्डिनेटर ईरा सिसोदिया ने कहा कि अन्य कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे।