‘बूंद-बूंद’ व फव्वारा पद्धति से प्याज की सिंचाई पर जोर
कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर एवं राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) नईदिल्ली के कोटा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय संगोष्ठी हुई। ‘राजस्थान के किसानों की आय वृद्धि के लिए प्याज और लहसुन की उत्पादन तकनीकी एवं मूल्य श्रृंखला प्रबंधन’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ एनएचआरडीएफ के अध्यक्ष डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य अतिथि कृषि विवि कुलपति डॉ. बलराज सिंह व विशिष्ट अतिथि डॉ. एसपी सिंह, डॉ. एसके सिंह, डॉ. दयाल सिंह, डॉ. पीके गुप्ता द्वारा किया गया।
डॉ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि प्याज एवं लहसुन की बुवाई में अचानक आई वृद्धि बाजार भाव में गिरावट का मूल कारण बनती जा रही है। डॉ. बलराज सिंह ने बताया कि देश में सब्जियों का उत्पादन लगभग 95 लाख हैक्टेयर में में से 12 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल प्याज का है। हमें सिंचाई की नवीन तकनीकी जैसे बूंद-बूंद सिंचाई या फव्वारा पद्धति का उपयोग कर सिंचाई करनी चाहिए। डॉ. एसपी सिंह ने कटाई के बाद प्याज और लहसुन की फसल बचाने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा सुझाए उचित भंडारण के उपाय अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्याज और लहसुन की खेती में नवाचार करने वाले उन्नतशील किसान अणवाना गांव के हनुमान चौधरी, लहसुन उत्पादक कृषक, झालावाड़ जिले के कृषक बालचंद नागर व प्रतापगढ़ जिले के कृषक बालूलाल को सम्मानित किया गया। उन्नत बीज प्रदान करने वाले राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार व गुजरात की चार वितरण फर्म (डीलर) को प्रशस्ति पत्र व नकद राशि से सम्मानित किया गया। समारोह में उपयोगी साहित्य जैसे भारत में मशरूम की खेती, सफल उद्यमी आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं का विमोचन भी किया गया। समारोह में प्रगतिशील किसान रतनलाल डागा व विमला सिहाग सहित करीब 300 किसानों ने भाग लिया। संगोष्ठी के दूसरे दिन के वैज्ञानिकों द्वारा प्याज और लहसुन का उत्पादन बढ़ाने व भंडारण अवधि बढ़ाने पर चर्चा की गई। प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. ईश्वर सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा कृषि तकनीक के प्रचार-प्रसार में भागीदारी के बारे में बताया। डॉ. तखतसिंह राजपुरोहित व मनमोहन सुंदरिया ने विभिन्न कीट-बीमारियों के बारे में बताया। डॉ. प्रदीप कुमार ने प्याज सहित संरक्षित फसलों की खेती के बारे में बताया। अंत में किसानों और वैज्ञानिकों का खुला संवाद हुआ, जिसमें समस्याओं का समाधान किया गया।
दो दिवसीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने किसानों को आय बढ़ाने के लिए दी विविध जानकारियां
दो दिवसीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने राजस्थान के किसानों की आय वृद्धि के लिए नवीनतम तकनीक के उपयोग पर बल दिया।