80 जी रजिस्ट्रेशन के लिए सभी जिलों में अधिकारी नियुक्त करने की डिमांड
ट्रस्ट व को-ऑपरेटिव सोसायटी के एग्जेम्शन के लिए प्रदेश के सभी जिलों के लोगों को जयपुर जाना पड़ता है। इसके समाधान को लेकर जोधपुर की विभिन्न एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर एग्जेम्शन के लिए संभाग स्तर पर अधिकारी नियुक्त करने की डिमांड की है। जोधपुर से ऑल इंडिया फैडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स सहित मरुधरा टैक्स बार एसोसिएशन ने देश के वित्त मंत्री को पत्र लिखकर सुविधा दिलाने की डिमांड की है, ताकि राजस्थान के सभी जिलों से लोगों को जयपुर नहीं जाना पड़े।
दरअसल ट्रस्ट और को-ऑपरेटिव सोसायटी के लिए 12 ए और 80 जी रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होता है। रजिस्ट्रेशन के सभी कागजात तैयार कर जयपुर भेजने पड़ते हैं, पूरे प्रदेश में यही व्यवस्था है। जबकि यह व्यवस्था संभाग स्तर पर होने से आमजन को राहत मिलेगी। उदयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा व बीकानेर में 12 ए और 80 जी के कार्यालय लगा अलग-अलग अधिकारी लगाने चाहिए, जो रजिस्ट्रेशन के साथ एग्जेम्शन की कार्रवाई भी करें। मेवाड़ और पश्चिमी राजस्थान में मंदिर एवं चेरिटेबल संस्थाओं की संख्या ज्यादा होने से संभाग स्तरीय व्यवस्था से टैक्स पेयर्स को आसानी होगी।
प्रदेशवासियों को ट्रस्ट व को-ऑपरेटिव के एग्जेम्शन के लिए जाना पड़ता है जयपुर