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विवि प्रशासन पुलिस बैकग्राउंड के व्यक्ति को कुलपति बनाने के लिए अब एक्ट ही बदलने की कर रहा तैयारी

3 वर्ष पहले
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सरदार पटेल पुलिस यूनिवर्सिटी में करीब पौने तीन साल से कुलपति ही नहीं हैं। कुलपति का चयन करने के लिए बनाई गई समिति के नामों पर कोई निर्णय ही नहीं हुआ। ऐसे में अब राजभवन से दूसरी समिति बनाई गई है, ताकि नए नामों का चयन किया जा सके। ये सारी कवायद पुलिस यूनिवर्सिटी में एकेडमिक बैकग्राउंड की बजाय पुलिस बैकग्राउंड के व्यक्ति का चयन करने के लिए की जा रही है।

पुलिस बैकग्राउंड के व्यक्ति को कुलपति बनाने के लिए अब यूनिवर्सिटी एक्ट में ही संशोधन करने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में भी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी के नियमों की पालना के तहत एकेडमिक बैकग्राउंड का व्यक्ति कुलपति न बन सके और सिर्फ पुलिस बैकग्राउंड से ही कुलपति बनाया जा सके। इसके लिए गृह विभाग से विधिक राय लेने के लिए प्रस्ताव विधि विभाग के पास भिजवाया गया है।

2015 में पहले कुलपति के रिटायर्ड होने के बाद से पद खाली

जोधपुर के करवड़ में राज्य सरकार ने वर्ष 2012 में सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। इसके लिए विधानसभा से एक्ट को पारित करवाया गया था। पहले कुलपति एमएल कुमावत के रिटायर्ड होने के बाद अक्टूबर 2015 से पद रिक्त पड़ा है। कुलपति का चार्ज प्राे. वीसी और आईपीएस अफसर डॉ. भूपेंद्र यादव के पास है।

एक्ट में संशोधन बाद पुलिस अफसर ही बन पाएंगे कुलपति

पुलिस यूनिवर्सिटी में एक्ट में संशोधन के बाद केवल पुलिस अफसर ही कुलपति बन पाएंगे। इसके लिए एक नियम या शर्त जोड़ी जा रही है कि जिसके तहत कुलपति बनने वाले का रिकॉर्ड अच्छा हो और वह संस्थानिक कार्य में निपुण हो। इसके अलावा राज्य व केंद्र में पुलिस विभाग संगठन या अर्धसैनिक बल आदि से सेवानिवृत्त हो या कम से कम 20 साल की नौकरी का अनुभव हो।

ये हैं यूजीसी के नियम

कुलपति की नियुक्ति के लिए यूजीसी का नियम है कि उच्च कोटि का शिक्षाविद्, जिसे प्रोफेसर के रूप में 10 साल का अनुभव हो। स्नातकोत्तर में 55 फीसदी अंक प्राप्त हो और सर्च कमेटी के मेंबर एवं उच्च शिक्षा से जुड़ा व्यक्ति हो।

चेयरमैन चेंज, बाकी सदस्य वही

पहले वाली चयन समिति में ईश्वरचंद द्विवेदी, ओपीएस मलिक, ओमेंद्र भारद्वाज, देवेंद्रसिंह भाटी व डॉली बर्मन शामिल थीं। इस बार द्विवेदी के स्थान पर एसपीएम त्रिपाठी को लाया गया है, शेष सदस्य वही हैं। अब यह सर्च समिति नए नाम ढूंढ़ेंगी।

पूर्व में की थी कोशिश, राज्यपाल ने कहा था यूजीसी के नियमों की हो पालना

दो वर्ष पूर्व भी पुलिस यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से शिक्षाविद् के स्थान पर पुलिस बैकग्राउंड के अफसर को कुलपति बनाने की कवायद की गई थी। पांच सदस्यीय सलेक्शन समिति ने यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर नियम बना लिए थे, जिसकी शिकायत राजभवन में की गई थी। तब राजभवन से समिति को यह दिशा-निर्देश दिए गए थे कि वे यूजीसी के नियमानुसार ही योग्यताधारी का चयन करें। समिति ने फिर नए सिरे से नाम चयनित कर भिजवाए थे, लेकिन छह माह में उस पर कोई निर्णय नहीं हो सका था।

एक्ट में बदलाव का मामला गृह मंत्रालय से ही हुआ होगा

यूनिवर्सिटी के कुलपति के लिए नई चयन समिति बन चुकी है। इसकी बैठक 26 अप्रैल को जयपुर में है। यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलाव का मामला है तो वह सीधे गृह मंत्रालय से ही हुआ होगा। जेसी पुरोहित, रजिस्ट्रार, पुलिस यूनिवर्सिटी

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