‘आयोग बना सकते हैं, रिपोर्ट सार्वजनिक करना जरूरी नहीं’
एएजी पीआर सिंह जोधा व अधिवक्ता दिनेश ओझा ने लिखित में जवाब पेश करते हुए कोर्ट को बताया, कि राज्य सरकार ने तीन कैबिनेट मंत्रियों की कमेटी बनाई है। इस कमेटी में गृह मंत्री, सार्वजनिक निर्माण मंत्री व जल संसाधन मंत्री को शामिल किया गया है। यह कमेटी करीब एक महीने में रिपोर्ट का गहन अध्ययन करेगी और इसके बाद आगे की कार्यवाही के लिए सरकार को रिकमंडेशन करेगी। एएजी जोधा कोर्ट के ध्यान में यह भी लाए, कि कमिशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट 1952 की धारा 3 के तहत सरकार जांच के लिए आयोग तो नियुक्त कर सकता है, लेकिन इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करना अनिवार्य नहीं है। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से सरकार के जवाब पर रिजॉइंडर पेश करने के लिए मोहलत मांगी, जिस पर कोर्ट ने आग्रह स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 23 अप्रैल को मुकर्रर की है। साथ ही सरकार के लिखित जवाब को रिकॉर्ड पर लाने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से गृह सचिव मनीष चौहान भी मौजूद थे।