अच्छी तैयारी के लिए पिछले सालों के पेपर्स करें सॉल्व
एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) 6 मई को होगा। इसमें देश भर के लगभग दो हजार सेंटर्स पर करीब 12 लाख कैंडिडेट्स अपीयर होंगे। एडमिट कार्ड जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट cbseneet.nic.in पर अपलोड कर दिए जाएंगे। रिजल्ट 5 जून को घोषित किए जाएंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नीट क्लियर करने के लिए सिर्फ कोर्स पढ़कर प्रॉब्लम्स सॉल्व करना ही काफी नहीं है। रैंक बनाने के लिए बेहतर स्ट्रेटेजिक प्लानिंग चाहिए। बचे हुए दिनों के लिए हर सब्जेक्ट की प्रॉपर स्ट्रेटेजी बनाकर स्टडी करें। जो सब्जेक्ट मुश्किल लग रहा है, उसे ज्यादा समय दें। किसी भी कॉम्पीटिटिव एग्जाम की तैयारी में पिछले सालों के क्वैश्चन पेपर्स सॉल्व करना सबसे अहम होता है। चूंकि स्कूल स्टूडेंट्स पहली बार कोई कॉम्पीटिटिव एग्जाम दे रहे होते हैं इसलिए उन्हें टाइम मैनेजमेंट पर अधिक फोकस करना चाहिए। तीन घंटों के टाइम फ्रेम में प्रेक्टिस पेपर्स सॉल्व करने की कोशिश करनी चाहिए। इससे स्पीड तो बढ़ती ही है, पेपर पैटर्न से भी फैमिलियर हो जाते हैं। ट्रेंड जानने के लिए पिछले 3-4 सालों के ही क्वैश्चन पेपर्स ही सॉल्व करें।
6 को होगा मेडिकल एंट्रेस टेस्ट
बायोलॉजी
यह सबसे ज्यादा वेटेज वाला सब्जेक्ट है और एग्जाम क्रेक करने में इसकी सबसे बड़ी भूमिका रहती है। 11वीं व 12वीं की एनसीईआरटी बुक्स का एक बार कंप्लीट रिवीजन कर लें। डायग्रोमेटिकल सवाल सीधे एनसीईआरटी बुक्स से बनते हैं, इसलिए एक भी टॉपिक छोड़कर आप नंबर गंवाने की रिस्क नहीं ले सकते।
फिजिक्स
बायोलॉजी के स्टूडेंट्स में आमतौर पर फिजिक्स को लेकर डर बैठा रहता है। यह डर निकालने के लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करनी चाहिए। फॉर्मूला चार्ट ड्रॉ करें और उसे स्टडी टेबल के पास चिपका लें। बार-बार उसे देखेंगे तो आसानी से याद हो जाएंगे।
केमिस्ट्री
3-4 सालों से इस सेक्शन में कॉन्सेप्चुअल क्वेश्चंस ज्यादा पूछे जा रहे हैं, इसलिए कंसेप्ट्स क्लियर होने बहुत जरूरी है। पेपर के दौरान सबसे पहले न्यूमेरिकल क्वेश्चंस को आइडेंटिफाई कर लें और उन्हें लास्ट में सॉल्व करने के लिए छोड़ दें, क्योंकि अगर उनमें उलझ जाएंगे तो बाकी का पेपर ठीक से नहीं कर पाएंगे।
एक्सपर्ट: डॉ. दिनेश वैष्णव, पवन कुमार मिधा और दिनेश वैष्णव