नाक में ब्लॉकेज होने पर भी नहीं रुकता आंसुओं का आना
हैल्थ रिपोर्टर जयपुर
यदि लगातार आंसू आ रहे हैं तो इसे अवॉइड नहीं करना चाहिए। ऐसा नाक में किसी तरह इंफेक्शन और ब्लॉकेज की वजह से भी हो सकता है। इंफेक्शन और चोट लगने के कारण नाक में ब्लॉकेज होने से आंख का पानी नाक में नहीं जा पाता है। इससे आंसूओं की थैली वो पानी जमना शुरू हो जाता है। यही पस बनकर आंख में नासूर का एक बड़ा रिस्क फैक्टर बन जाता है। इससे नाक से पानी निकलने के बजाय हमेशा आंखों से पानी निकलता रहता है। अक्सर यह माना जाता है कि इंफेक्शन की वजह से ऐसा हो रहा है। रिलीफ के लिए एंटीबॉयोटिक्स लेना शुरू कर देते हैं। इनसे थोडी देर के लिए रिलीफ मिलता है लेकिन बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाती है। इसलिए ब्लॉकेज होने पर जल्द ही इन्हें ठीक करवाना चाहिए। अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो इससे आंख में नासूर हो सकता है।
डॉ. अमित गोयल
ईएनटी एक्सपर्ट, एम्स, जोधपुर
कैसे करें ठीक
आजकल नाक का ब्लॉकेज खोलने के लिए नाक और आंख के बीच चीरा लगाने की जरुरत नहीं है। एंडोस्कोपी बीसीआर टेक्निक से ब्लॉकेज हो खाेलते हुए नाक और थैली के बीच नया रास्ता बनाया जाता है। इससे नाक से भी आंसू आना शुरू हो जाते हैं। यह सर्जरी जल्दी होने के साथ -साथ इसके रिजल्ट भी अच्छे आते है।
इन्फेक्शन का खतरा
नाक में आंसू नहीं जाने के कारण आंसू थैली में इकट्ठा हो जाता है जिससे आंख और नाक का इन्फेक्शन होने लगता है। इतना ही नहीं आंसू की थैली में से पस निकलने से नासूर का खतरा भी बना रहता है।
कब हो सकती है यह प्रॉब्लम
कई बच्चों में जन्म से ही नाक में आंसू जाने का रास्ता बंद होता है। इसे हल्की मसाज से ठीक किया जाता है। मसाज से ठीक नहीं होने पर एडल्ट एेज में सर्जरी की जाती है।