सैंड स्टोन ब्लॉक के नोटिफिकेशन में अनड्रेस के आगे ब्लॉक शब्द हटने से उलझन
गत दस दिनों से जोधपुर में ब्लॉक सैंड स्टोन का व्यापार बंद है। करोड़ों रुपए का निर्यात प्रभावित हो रहा है। इधर, खानधारकों का कहना है कि रॉयल्टी को गैर वाजिब तरीके से बढ़ाया गया है। रॉयल्टी राशि में वृद्धि को लेकर निकाले गए नोटिफिकेशन में भी उलझन है, क्योंकि तीन वर्षों में तीन नोटिफिकेशन निकाले हैं। इसमें अनड्रेस ब्लॉक शब्द के हटने से यह मामला गर्माया है। दरअसल सैंड स्टोन ब्लॉक का एक नोटिफिकेशन 24 अप्रैल 2015 को निकाला गया था, इसमें ड्रेस सैंड स्टोन पत्थर पर 240 रुपए प्रतिटन रॉयल्टी और अनड्रेस सैंड स्टोन ब्लॉक पर 100 रुपए रॉयल्टी राशि लेने का प्रावधान था। इसी तरह 28 फरवरी 2017 को निकाले गए नोटिफिकेशन में ड्रेस कटिंग पत्थर पर 240 रॉयल्टी थी, पर इसमें अनड्रेस के आगे ब्लॉक शब्द को हटा लिया गया था। 27 अक्टूबर 2017 को ही निकले तीसरे नोटिफिकेशन में अनड्रेस के आगे ब्लॉक शब्द को हटाया हुआ था, लेकिन रॉयल्टी ठेकेदार 3 अप्रैल 2018 तक अनड्रेस ब्लॉक पर 100 रुपए रॉयल्टी प्रतिटन से वसूलता रहा, जबकि ठेकेदार को 28 फरवरी 2017 के अगले दिन से नई राशि के हिसाब से रॉयल्टी वसूलनी चाहिए थी। उनके ऐसा नहीं करने से खानधारकों को बढ़ी हुई राशि का पता नहीं चला। अब रॉयल्टी राशि के बढ़ने से समस्या शुरू हुई है। इससे जोधपुर में पत्थर व्यवसाय पर भारी संकट आ गया है, क्योंकि खान में से खरीदे गए फुल ट्रक ब्लॉक व रॉयल्टी लगभग बराबर हो गई है। जबकि ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी -छोटी मशीनें लगी हुई हैं, जिनमें इस अनड्रेस ब्लॉक से सेंटर कट लगाकर पट्टियां काटने का काम किया जाता था, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में, प्रधानमंत्री आवास जैसे पिछड़े एवं गरीब तबके के लोगों के मकान बनाने में सस्ती दर पर पट्टियां व अन्य माल मिल सकें। अब इतनी भारी रॉयल्टी देकर माल ले जाना संभव नहीं है।
रियलिटी
चैक
10 दिनों से बंद है शहर में सैंड स्टोन ब्लॉक का उत्पादन और बेचान, 18 को कर सकते हैं आंदोलन
अनड्रेस सैंड स्टोन ब्लॉक, जिसकी राॅयल्टी में 140 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है।
इधर सैंड स्टोन कटिंग ड्रेस माल।
व्यापार हो जाएगा चौपट
पत्थर व्यापारियों एवं खानधारकों का कहना है, कि अनड्रेस माल ले जाकर कटिंग माल की रॉयल्टी कैसे दें? अगर ऐसा करने लगे तो व्यापार ही खत्म हो जाएगा। खानधारक ब्लॉक सैंड स्टोन अनड्रेस माल की रॉयल्टी के मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं। इसके लिए सभी संगठनों की सामूहिक बैठक हो चुकी है। खानधारकों का कहना है कि जल्द ही इस मसले पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो 18 अप्रैल को चक्का जाम किया जाएगा। बरवाडिय़ा, बड़ली सैंड स्टोन विकास समिति के ओमप्रकाश परिहार और केरू क्लस्टर के सचिव सिकंदर खान ने बताया कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए, ताकि व्यापार को बचाया जा सकें।
140% बढ़ी रॉयल्टी
1 अप्रैल 2018 से पहले रफ ब्लॉक प्रति टन 100 रुपए और फिनिशिंग मटीरियल 240 रुपए प्रतिटन रॉयल्टी देनी होती थी, लेकिन अब रॉयल्टी की राशि बढ़ोतरी कर दी गई है। रफ ब्लॉक प्रतिटन 100 रुपए से बढ़ाकर 240 कर दी गई। साथ में 10 % डीएमएफटी के लिए, 9 % सीजीएसटी और 9 % एसजीएसटी भी लगा दी गई है। यह 100 से सीधे 312 रु. अनड्रेस प्रति टन पहुंच गई हैं।