संत के कोई पंथ नहीं होता, संत का चिंतन अनंत हाेता है : पदमचंद्र मुनि
प्रवचन प्रभावक डॉ. पदमचंद्र मुनि ने कहा, संत के कोई पंथ नहीं होता संत का चिंतन अनंत होता है। संत के जीवन के वृतांत को समझना पहेली सुलझाने जैसी बात है। ये अपने आप में पहेली है, पहेली दिखने में अटपटी होती है पर सुलझने के बाद बहुत अच्छी लगती है। महिलाबाग स्थित स्थानक में प्रवचनों के दौरान डॉ. मुनि ने कहा, संत के जीवन में उनकी साधना उनकी आराधना को हर एक व्यक्ति आसानी से समझ नहीं पाता पर जो समझ लेता है उसे बहुत ही आनंद आता है। रविवार को जयमल जैन श्रावक संघ रोड पर सुबह 6.30 से 7.30 बजे चमत्कारी जय जाप का आयोजन होगा। अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानक जयमल जैन श्रावक संघ शाखा सेंट्रल जोन के तत्वावधान में सुबह 9 से 10 बजे तक जय जाप का आयोजन होगा।