पारा भले मार्च में झुलसाने लगे, रेलवे के रिटायरिंग रूम में 15 अप्रैल से गर्मी मानकर कूलर चलाने का नियम
गर्मी भले ही मार्च मे ही झुलसाना शुरू कर दे लेकिन रेलवे के कर्मचारियों व रिटायरिंग रूम में ठहरने वाले यात्रियों को तो गर्मी 15 अप्रेल से ही लगती है। इसके लिए बाकायदा उत्तर-पश्चिम रेलवे ने आदेश जारी किया है कि कूलर 15 अप्रैल से शुरू किए जाएं। रिटायरिंग रूम में दो दिन पहले ठहरे एक यात्री ने गर्मी लगने पर कूलर चलाने के लिए कहा तो उसे भी यही जवाब मिला। यात्री ने रेलवे मंत्रालय तक इस मामले की शिकायत की है। रेलवे कर्मचारियों के लिए हर साल ठेके पर कूलर लगाए जाते हैं। इनमें से कुछ कूलर सिटी रेलवे स्टेशन के पहली मंजिल पर कुछ रिटायरिंग रूम में भी लगे हैं। अफसरों के एसी तो मार्च में ही शुरू हो गए लेकिन कूलर अभी तक नहीं चल सके हैं। रेलवे का कायदा है कि गर्मी 15 अप्रेल से मानकर इन्हें आज से ही शुरू किया जाएगा। हालांकि कूलर चलाने की व्यवस्था करने वाले इलेक्ट्रिकल विभाग के अफसर मान रहे हैं कि 15 अप्रेल के निर्देश तो हैं लेकिन पाबंदी नहीं है। इन्हें पहले भी चलाया जा सकता है। सिटी रेलवे स्टेशन व डीआरएम ऑफिस सहित अन्य रेलवे परिसरों में कूलर रख दिए गए हैं। उनमें पानी के पाइप भी जुड़ गए हैं। रिटायरिंग रूम में कूलर तो लगे हैं लेकिन पाइप अभी जुड़े नहीं हैं। सिटी रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर नारायण लाल का कहना है कि कांट्रेक्टर को जल्द से जल्द कूलर शुरू करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि 29 मार्च को ही जोधपुर में पारा 40 डिग्री को पार कर गया था।
गर्मी में बेहाल होते हैं कर्मचारी व यात्री, अफसरों के एसी जब चाहे चलते हैं
कर्मचारियों के लिए कूलर तो तैयार हैं, इंतजार शुरू करने की तारीख का।
यात्री से कहा- 3 दिन बाद मिलेगी कूलर की हवा
रिटायरिंग रूम में दो दिन पहले एक यात्री शक्ति ने कमरा बुक करवाया। थोड़ी देर में गर्मी का अहसास होने लगा। शक्ति ने देखा कि कमरे में कूलर तो लगा है लेकिन चल नहीं रहा। उसने रिटायरिंग रूम इंचार्ज से कूलर चलाने के लिए कहा। इंचार्ज ने साफ कह दिया कि कूलर अभी नहीं चल सकता। कूलर 15 अप्रेल के बाद ही शुरू होते हैं, ऐसी ही गाइड लाइन है। यात्री को मायूस होकर पंखे की हवा से ही काम चलाना पड़ा। बाद में उन्होंने रेल मंत्रालय तक अपनी शिकायत पहुंचाई।