ड्रिप की बात पर भिड़े डॉक्टर व परिजन, दोनों ने अपने लोग बुलाए, सड़क पर चले लात-घूंसे
जोधपुर | महात्मा गांधी अस्पताल में शनिवार रात जमकर बवाल हुआ। सर्जिकल ए वार्ड में भर्ती एक मरीज और रेजिडेंट डॉक्टर्स के बीच जमकर लात-घूंसे चले। झगड़ा मरीज को छुट्टी नहीं देने की बात से शुरू हुआ। दोनों पक्षों में इस बात पर शुरू बहस हाथापाई में बदल गई। मामला इतना बढ़ा कि वार्ड का झगड़ा अस्पताल के मुख्य द्वार और फिर सड़क तक पहुंच गया। यहां पुलिस के सामने मरीज के परिजन और डॉक्टर करीब आधा घंटे तक मारपीट करते रहे। हालात बेकाबू होने पर सरदारपुरा पुलिस मौके पर आई और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। लेकिन एक-दूसरे पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े दोनों पक्ष शांत नहीं हुए। पुलिस को आरएसी बुलानी पड़ी। मामले के अनुसार सर्जिकल ए वार्ड के बेड संख्या 10 पर खरबूजा बावड़ी निवासी भैराराम भर्ती थे। उन्हें शनिवार को छुट्टी देनी थी। उन्हें ड्रिप चढ़ाई गई थी। ड्रिप आउट होने पर परिजनों ने वहां मौजूद डॉक्टर से संभालने को कहा, लेकिन डॉक्टरों ने काफी देर सुनवाई नहीं की तो दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। इससे नाराज परिजनों ने वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया। यहां कुछ ठेकाकर्मी भी मरीज के परिजनों से उलझ गए। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर ने शराब पी रखी थी और बदतमीजी से बात कर रहा था।
काबू पाने को पुलिस ने फटकारे डंडे, पेशेंट को भी पुलिस ले गई, देर रात तक हंगामा
नशे में थे हॉस्टल से आए कई डॉक्टर्स: पुलिस
एमजीएच के मुख्य गेट पर मारपीट करते डॉक्टर व मरीज।
पुलिस के अनुसार बात बढ़ने पर परिजनों ने अपने रिश्तेदारों और डॉक्टरों ने भी अपने साथियों को बुला लिया। रेजिडेंट के पक्ष में हॉस्टल से आए डॉक्टरों में से कई शराब के नशे में थे। उन्होंने मरीज के परिजनों को ललकारा तो दोनों पक्ष पहले वार्ड, फिर अस्पताल परिसर और बाद में सड़क पर भी भिड़े। मामला सुलझाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय मालवीय, एमजीएच अधीक्षक डॉ. पीसी व्यास, एडीसीपी ट्रेफिक निर्मला विश्नोई व एसीपी वेस्ट कमलसिंह में बातचीत जारी थी। इस दौरान एमरजेंसी भी पूरी तरह खाली हो गई।