मरु प्रदेश के लिए तेलंगाना की तरह आंदोलन तेज करेंगे
जोधपुर व बीकानेर संभाग सहित 13 जिलों को मिलाकर अलग मरु प्रदेश बनाने के लिए तेलंगाना की तर्ज पर दोनों ही संभाग में आंदोलन शुरू किया जाएगा। मरु प्रदेश निर्माण मोर्चा ने आंदोलन की शुरुआत करते हुए सरकार से अलग प्रदेश बनाने की मांग की है। सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती है तो आंदोलन का रुख अख्तियार किया जाएगा। वहीं सीएम वसुंधरा राजे की यात्रा के दौरान दोनों ही संभाग में विरोध किया जाएगा। आंदोलन को तेज करने के लिए जोधपुर में केसरसिंह राठौड़ को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। वहीं कई संगठनों ने इसके समर्थन की घोषणा की हैं।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयवीर गोदारा ने रविवार को राजपूत सभा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया, कि आजादी के दौरान अलग मरु प्रदेश बनाने के लिए मांग की थी, लेकिन अब तक इस ओर ध्यान ही नहीं दिया गया। दुनिया के 110 देशों से भी बड़ा राजस्थान भौगोलिक दृष्टि से बड़ा होने के कारण इसका विकास नहीं हो पा रहा है। खासकर बॉर्डर से सटे इलाकों के कारण पूरी तरह अनदेखी की जा रही हैं। इस क्षेत्र से सरकार सालाना 125 लाख करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर रही है, फिर भी इस क्षेत्र में रियासत काल में हुए विकास के अलावा किसी तरह का विकास नहीं हुआ है। प्रदेश में इस आंदोलन की तैयारी का आगाज जोधपुर से किया गया हैं।
मोर्चा के महामंत्री केसरसिंह ने बताया, कि मरु प्रदेश के निर्माण के बाद ही इस क्षेत्र का विकास संभव है। हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इसके विकास के लिए एकजुट होना होगा। पूरा देश विकास के लिए अग्रसर है, लेकिन ये इलाका पिछड़ा हुआ हैं। मारवाड़ राजपूत संभाग के अध्यक्ष हनुमानसिंह खांगटा ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की हैं। इसके साथ ही आदर्श जाट महासभा के प्रकाश बेनीवाल, शिक्षक नेता यशोधरा चौधरी व गजेंद्रसिंह राजपुरोहित ने भी समर्थन की घोषणा की हैं।